Jio 5G Network: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के हरदौली गांव में दो साल से 5G नेटवर्क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। नेटवर्क की समस्या का समाधान कराने के लिए गांव पहुंचे Jio के एक कर्मचारी को ही ग्रामीणों ने कथित तौर पर बंधक बना लिया और टावर से बांध दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद गांव में बेहतर नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पाई, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर डिजिटल पेमेंट तक प्रभावित हो रहे हैं।
Jio 5G Network: दो साल से 5G का इंतजार, शिकायतों से भी नहीं बनी बात
हरदौली गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, वे पिछले करीब दो साल से बेहतर मोबाइल नेटवर्क और 5G सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। गांव में नेटवर्क कमजोर होने के कारण लोगों को मोबाइल कॉल और इंटरनेट इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में मोबाइल नेटवर्क सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं है। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई, ऑनलाइन फॉर्म भरने, बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट जैसी रोजमर्रा की कई जरूरतें इंटरनेट पर निर्भर हैं। ऐसे में खराब नेटवर्क के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टावर पर पहुंचा कर्मचारी तो ग्रामीणों ने घेरा
बताया जा रहा है कि नेटवर्क से जुड़ी समस्या को देखने के लिए Jio का एक कर्मचारी गांव के मोबाइल टावर पर पहुंचा था। इसी दौरान नाराज ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने कर्मचारी को टावर से बांध दिया और अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि जब बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने इस तरह विरोध किया। हालांकि, किसी कर्मचारी को बंधक बनाना और टावर से बांधना कानूनन गंभीर मामला है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और संबंधित कंपनी का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
Jio 5G Network: डिजिटल इंडिया के दावे के बीच गांव की तस्वीर
हरदौली की घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। एक तरफ देश में 5G नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए परेशान हैं। खराब नेटवर्क का असर सिर्फ मनोरंजन या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी अब शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और रोजमर्रा के कामों की जरूरत बन चुकी है।
नेटवर्क के लिए विरोध का यह तरीका कितना सही?
ग्रामीणों की नाराजगी की वजह चाहे जो हो, कर्मचारी को बंधक बनाना समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता। नेटवर्क से जुड़ी शिकायतों के लिए कंपनी और संबंधित प्रशासन को शिकायतों की सुनवाई और समय पर समाधान की व्यवस्था मजबूत करनी होगी। हरदौली की घटना इस बात की याद दिलाती है कि 5G की असली सफलता सिर्फ बड़े शहरों में तेज इंटरनेट पहुंचने से नहीं होगी, बल्कि गांवों तक भरोसेमंद कनेक्टिविटी पहुंचने से होगी। डिजिटल इंडिया का फायदा तभी पूरी तरह लोगों तक पहुंचेगा, जब नेटवर्क की समस्या के कारण कोई बच्चा ऑनलाइन पढ़ाई से और कोई ग्रामीण डिजिटल सुविधा से वंचित न रहे।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!