लंदन: हाल के दिनों में कई देशों ने अपने नागरिकों को इमरजेंसी के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। यह चेतावनी ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक फैली हुई है, जिससे लोगों की दैनिक जिंदगी पर असर पड़ रहा है। ब्रिटिश शहरों में खाने-पीने की चीजों की दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस तरह की चेतावनियों के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताए गए हैं, लेकिन चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
जापान की भूकंप तैयारी
जापान में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे 3 से 5 दिनों के लिए जरूरी सामान जमा करें। इसमें भोजन, पानी, दवाइयां, टॉयलेट पेपर, टॉर्च और नकद पैसे शामिल हैं। जापान के आपदा प्रबंधन मंत्री गोशी होसोनो ने कहा कि 2 नवंबर को नई आपदा प्रबंधन एजेंसी शुरू होगी। यह एजेंसी नागरिकों से तत्काल अनुरोध करेगी कि वे अपने घरों में आवश्यक सामान पहले से रख लें।
ब्रिटेन का ‘बी रेडी’ अभियान
ब्रिटेन ने ‘बी रेडी’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत परिवारों से कहा गया है कि वे 3 दिनों के लिए पानी, डिब्बाबंद खाना, नकद, टॉर्च और एक रेडियो अपने पास रखें। हाल ही में PHP सॉफ्टवेयर में आई खराबी के कारण कई सेवाएं बाधित हुईं और हैकिंग की कोशिशें बढ़ गईं। ब्रिटिश सरकार ने जंगल की आग, खराब मौसम और साइबर हमलों से जुड़े खतरों का भी जिक्र किया है।
अमेरिका की ‘फोर्ट्रेस’ योजना
अमेरिका के रक्षा पेंटागन ने अपनी ‘फोर्ट्रेस’ योजना के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि अमेरिकी बेस बिना किसी बाहरी सप्लाई के कम से कम 90 दिनों तक चल सकें। इसका मतलब है कि उन्हें अपनी बिजली, पानी, ईंधन और संचार व्यवस्था खुद तैयार करनी होगी। प्रवक्ता का कहना है कि अब बिजली ही युद्ध की ताकत है, और इसके बिना कोई भी बेस सुरक्षित नहीं रह सकता।
जर्मनी में मिलिट्री सर्विस की तैयारी
जर्मनी में हर 18 साल के युवक को मिलिट्री सर्विस से जुड़ा एक प्रश्नावली भेजा जा रहा है। अगर कोई इसे नजरअंदाज करता है, तो उस पर 250 यूरो का जुर्माना लगाया जाएगा। इसे एक इमरजेंसी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि नागरिकों को किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।
नॉर्वे की आत्म-तैयारी सप्ताह
नॉर्वे में सरकार ने ‘संकट और युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए’ एक बयान जारी किया है। इसके तहत ‘आत्म-तैयारी सप्ताह’ चलाया जा रहा है। सरकार ने सभी नागरिकों से कहा है कि उन्हें मुश्किल वक्त के लिए तैयार रहना चाहिए। यह पहल नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की जा रही है।
दुनिया की सुरक्षा चिंताएँ
इन सभी देशों में इमरजेंसी तैयारी की वजह से नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। साइबर हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य खतरों के मद्देनजर सरकारें अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठा रही हैं। यह एक संकेत है कि दुनिया भर में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
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