फ्लाईदुबई विमान हाईजैक करने की कोशिश! क्या निशाने पर है ऐतिहासिक अब्राहम अकॉर्ड?

The CSR Journal Magazine

इजरायल-यूएई के बीच हवाई संपर्क पर हाईजैक का खतरा, क्या अब्राहम अकॉर्ड पर होगा असर?

तेल अवीव से यूएई के बीच चल रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट पर हाईजैक करने की कोशिश ने दुनिया का ध्यान खींचा है। बुधवार को ओमानी पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की, लेकिन दूसरे पायलट और यात्रियों ने इसे समय पर रोक लिया। इस घटनाक्रम के बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में कराई गई। यह घटना यूएई-इजरायल के रिश्तों पर संदेह का बादल बना सकती है, खासकर अब्राहम अकॉर्ड की पृष्ठभूमि में। क्या यह हवाई रूट अब खतरे में है? यह सवाल अब हर किसी के मन में उठ रहा है।

रिश्तों पर पड़ सकता है नकारात्मक असर

इस घटनाक्रम के बाद इजरायल के परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने फ्लाईदुबई की उड़ानों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने सिविल एविएशन अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि जांचें कि क्या यूएई ने इजरायल के साथ अपने समझौते का उल्लंघन किया है। इस समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं देशों के पासपोर्ट धारक पायलट इजरायल में लैंड कर सकते हैं जिनके साथ इजरायल के राजनियाक संबंध हैं। ओमान को इन देशों में नहीं गिना जाता। ऐसे में पेचिदगी बढ़ रही है।

हवाई कनेक्टिविटी की बढ़ती अहमियत

यूएई और इजरायल के बीच हवाई संपर्क के महत्व को उजागर करने वाली यह घटना है। इससे पहले, पिछले कुछ सालों में यह संपर्क लगातार बढ़ा है। 2020 में सीधी फ्लाइट शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच हवाई ट्रैफिक में तेजी आई है। एतिहाद एयरवेज ने हाल ही में इजरायल के लिए नए रूट जोड़ने की घोषणा की थी, जिससे रोजाना सीधे उड़ानों की संख्या बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह कनेक्टिविटी पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद कर रही है।

अब्राहम अकॉर्ड की स्थिरता पर सवाल

इस घटना ने अब्राहम अकॉर्ड की स्थिरता पर भी चिंता जताई है। इस समझौते के तहत यूएई और इजरायल के बीच सामान्य संबंध स्थापित करने में हवाई संपर्क एक अहम आधार बना है। हाल के संघर्षों के बावजूद अबू धाबी ने इजरायल के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में गहराई बरकरार है, फिर भी इस हाईजैक की कोशिश ने भावनाओं को भुनाने की स्थिति पैदा की है।

विश्लेषकों की राय

बहरीन के विश्लेषक अहमद अल-खुजाई का कहना है कि अब्राहम अकॉर्ड पुराने शांति समझौतों की तुलना में ज्यादा सफल रहा है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंध मजबूत बने हैं। अब देखना यह है कि इस हाईजैक के प्रयास का असर किस हद तक दोनों देशों के बीच संबंधों पर पड़ेगा। क्या यह घटनाक्रम हवाई संपर्क को कमजोर करेगा या फिर दोनों देशों के रिश्तों में नई मजबूती लाएगा, यह समय बताएगा।

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