Delhi सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ की शुरुआत, 18 साल के बाद भी मिलेगी मदद

The CSR Journal Magazine
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के अनाथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से दिल्ली सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उनका कहना है कि कोई भी बच्चा अकेला महसूस नहीं करेगा और सभी को सुरक्षित और सम्मानित जीवन जीने का अवसर मिलेगा। इस योजना का ऐलान मातृ दिवस के अवसर पर किया गया, जो इस पहल की महत्वपूर्णता को और बढ़ाता है।

आफ्टरकेयर स्कीम का उद्देश्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को केवल संरक्षण प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य देना है। योजना के तहत अनाथ युवाओं को जीवन के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इसके अंतर्गत शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और व्यवहारिक सहयोग जैसी सेवाएं शामिल हैं, ताकि इन्हें वयस्क जीवन में घातक चुनौतियों का सामना न करना पड़े।

युवाओं के लिए विशेष प्रावधान

दिल्ली में वर्तमान में 88 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) कार्यरत हैं। इन संस्थानों के माध्यम से 18 वर्ष तक के बच्चों को आवश्यक देखभाल और शिक्षा मिलती है। ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ के अंतर्गत दो आफ्टरकेयर होम भी संचालित हैं जहां 18 वर्ष से अधिक युवाओं को रहने, भोजन, और शिक्षा जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

स्वतंत्र जीवन की ओर बढ़ने का साधन

युवाओं के लिए यह योजना आत्मविश्वास से लबरेज़ जीवन जीने का एक साधन बनेगी। जैसे ही युवा अपना 18वां जन्मदिन मनाते हैं, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सरकार का प्रयास है कि इनमें से कोई भी युवा खुद को असहाय महसूस न करें। योजना में उचित मार्गदर्शन, करियर गाइडेंस और वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई है।

बजट और कार्यान्वयन के चरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 3.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट का उपयोग आवश्यक सेवाओं को प्रदान करने के साथ ही युवाओं की व्यक्तिगत देखभाल योजनाओं के विकास में होगा। राज्य और जिला स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

नीति निर्धारण और निगरानी के लिए समितियों का गठन

योजना के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में स्टेट आफ्टरकेयर कमेटी का गठन किया जाएगा। यह समिति नीति निर्धारण, निगरानी और सुपरविजन का कार्य करेगी। वहीं, जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट आफ्टरकेयर कमेटियां भी बनाई जाएंगी। ये समितियां व्यक्तिगत आवश्यकताओं का आकलन करेंगी और आवश्यक सहयोग मुहैया कराएंगी।

आखिरी संदेश

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मातृ दिवस का संदेश है कि हर बच्चे को सुरक्षा और अपनापन मिलना चाहिए। दिल्ली सरकार हर उस बच्चे और युवा के साथ खड़ी है, जिसे मार्गदर्शन और सहायता की आवश्यकता है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी युवा अकेला न महसूस करे और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक संसाधन मिलें।

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