Dehradun: शादी के 8 महीने बाद शिक्षिका ने दी जान, ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप

The CSR Journal Magazine
शादी के सिर्फ आठ महीने बाद, एक शिक्षिका ने दुखद तरीके से अपनी जान दे दी। मृतका का नाम सृष्टि है, जो अपने पति और ससुराल वालों के साथ रहने लगी थी। परिवार का कहना है कि सृष्टि को अपने ससुराल वालों के व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाना पड़ा। सृष्टि के परिजनों ने बताया कि ससुराल वाले अक्सर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिससे वह तंग आ गई थी।

दर्दनाक सूचना का टाइमिंग

सृष्टि के परिवार का आरोप है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी की मौत की जानकारी समय पर नहीं दी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें बाद में बताया गया कि ससुराल वाले किसी और काम में व्यस्त थे, इस वजह से संपर्क नहीं हो सका। यह सुचना जानकर परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए डोईवाला थाना पुलिस ने सृष्टि के पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वे सभी एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं। जान गंवाने वाली शिक्षिका के परिवार ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

सामाजिक प्रेशर और चिंताएं

इस घटना ने समाज में एक बार फिर से दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा को लेकर बहस को जन्म दिया है। कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने सृष्टि के परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

कानूनी पहलू

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ महत्वपूर्ण होंगी। कानून के तहत, अगर कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना का शिकार होता है, तो उसे तत्काल सहायता मिलनी चाहिए। साथ ही, ससुराल वालों के खिलाफ यदि सबूत मिलते हैं, तो उन्हें सख्त सजा का सामना करना पड़ सकता है।

परिवार की पीड़ा

सृष्टि के परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने उसकी शादी को लेकर सभी तैयारियाँ की थीं। उनकी उम्मीद थी कि शादी के बाद उनकी बेटी खुशहाल जीवन बिताएगी, लेकिन यह सब अचानक बदल गया। परिवार ने कहा कि उन्होंने सृष्टि की जिंदगी को सहेजने के लिए हमेशा प्रयास किए, लेकिन ससुराल में मिली प्रताड़ना ने उन्हें तोड़ दिया।

भावनाओं का ज्वार

इस दुखद घटना ने सृष्टि के परिवार को अपार पीड़ा दी है। उन्होंने अपनी बेटी को खो दिया, और अब वे उसके लिए न्याय की तलाश कर रहे हैं। परिवार का दर्द केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह समाज में एक बड़े मुद्दे का प्रतीक है। ऐसे मामलों में जागरूकता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में और किसी की जान न जाए।

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