बिहार में तेल मिल लगाने पर 9.90 लाख रुपये तक की सब्सिडी, 15 सितंबर तक आवेदन

The CSR Journal Magazine
बिहार में खेती के साथ-साथ कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। अब राज्य में तेल निकालने वाली मिल या तेल प्रसंस्करण इकाई लगाने पर सरकार की ओर से 9.90 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तैयार करना है।

10 टन क्षमता वाली इकाई पर 33 प्रतिशत सब्सिडी

राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत नई 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई लगाने पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 15 सितंबर तक बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार इस योजना के जरिए राज्य में तेल प्रसंस्करण और तेल निकालने की क्षमता बढ़ाना चाहती है।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ सरकारी या निजी उद्यम, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ/एफपीसी), पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियां ले सकती हैं। हालांकि, अनुदान के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी गई हैं। योजना के तहत केवल नई 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई को ही अनुदान मिलेगा। जमीन, बिजली, कर्मचारियों के वेतन और अन्य संचालन खर्च को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा।

एफपीओ के लिए भी जरूरी शर्तें

किसान उत्पादक संगठनों के लिए योजना में अलग से पात्रता तय की गई है। आवेदन करने वाले एफपीओ का कम से कम दो वर्षों से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है। इसके अलावा, आवेदक को परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा खुद लगाना होगा। यानी पूरी परियोजना लागत सरकार की ओर से नहीं दी जाएगी। अनुदान निर्धारित सीमा और पात्रता के अनुसार ही मिलेगा।

किसानों को मिलेगा बाजार और आय का फायदा

सरकार की इस पहल का सीधा फायदा तिलहन किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर तेल प्रसंस्करण इकाइयां बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिल सकता है। इससे कच्चे तिलहन को सिर्फ बेचने के बजाय उसका प्रसंस्करण कर मूल्य संवर्धन किया जा सकेगा। इससे गांव और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार का जोर कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय प्रसंस्करण और कारोबार से जोड़ने पर है।

तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर

बिहार सरकार सात निश्चय-3 और राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के जरिए राज्य में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने और सरसों जैसी तिलहनी फसलों की एमएसपी पर खरीद के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। कम बारिश या सूखे जैसी स्थिति में तिलहन फसलों की सिंचाई में मदद के लिए डीजल अनुदान योजना का भी सहारा दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और बाजार तक तिलहन की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की है।

आवेदन की तारीख न चूकें

तेल प्रसंस्करण इकाई लगाने के इच्छुक उद्यमी, एफपीओ, स्टार्टअप और सहकारी समितियों के लिए 15 सितंबर 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है। इच्छुक पात्र आवेदक बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल या बिहार कृषि ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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