बंगाल में 6 महीने के भीतर लागू होगा लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून

The CSR Journal Magazine

पश्चिम बंगाल में लव जिहाद और लैंड जिहाद पर कड़ा कानून, सीएम शुभेंदु का बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी मोड़ आ गया है। राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है कि उनकी सरकार आगामी छह महीनों के भीतर राज्य में ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ बेहद कड़ा कानून लागू करने जा रही है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। कोलकाता में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक विशेष कार्यक्रम में जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह ऐतिहासिक घोषणा की, जिससे राज्य की प्रशासनिक और राजनैतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

ऐतिहासिक कानूनी सुधारों की तैयारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनसभा में उपस्थित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, “हमें केवल छह महीने का समय दीजिए। हमारी सरकार पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी, सांस्कृतिक पहचान और सनातन समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ ठोस और कड़े कानूनी प्रावधान पेश करेगी। इसके साथ ही अवैध और जबरन धर्मांतरण के मामलों पर भी पूरी तरह से नकेल कसी जाएगी।” यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए संकल्पों और घोषणापत्र के प्रमुख वादों में से एक रहा है। सत्ता में आने के बाद सरकार अपने उन सभी वादों को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल देश का तीसरा ऐसा राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है, जो समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रभावी ढंग से लागू करेगा।

समान नागरिक संहिता (UCC) का खाका और ड्राफ्ट कमेटी

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में सभी समुदायों के नागरिक अधिकारों, विवाह, तलाक, संपत्ति उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में एकरूपता लाने के लिए विधिवत कदम उठाए हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने पहले ही एक उच्च स्तरीय ड्राफ्ट कमेटी का गठन कर दिया है, जिसकी कमान सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है।

प्रमुख क्षेत्र प्रस्तावित कानूनी ढांचा व उद्देश्य

समान नागरिक संहिता (UCC) विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों में सभी धर्मों के लिए एक समान नियम स्थापित करना।
लव जिहाद विरोधी कानून पहचान छिपाकर, प्रलोभन, दबाव या जबरन कराए जाने वाले विवाह और मतांतरण (धर्मांतरण) पर पूर्ण प्रतिबंध व कठोर कारावास।
लैंड जिहाद विरोधी कानून सरकारी, सांस्कृतिक, व धार्मिक संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण और जनसांख्यिकीय बदलाव लाने के इरादे से किए जाने वाले भूमि कब्जों पर रोक।
धार्मिक पर्यटन सर्किट राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के लिए ₹1,000 करोड़ की लागत से बनने वाला विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक कॉरिडोर।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली यह समिति प्रस्तावित कानून के सभी तकनीकी और सामाजिक पहलुओं का गहनता से अध्ययन कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘द यूनिफॉर्म सिविल कोड, वेस्ट बंगाल’ विधेयक के माध्यम से राज्य के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार देना है।

‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य में सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने और पहचान बदलकर युवाओं को लक्षित करने वाली ताकतों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रस्तावित लव जिहाद विरोधी कानून के तहत जबरन विवाह, छल-कपट या प्रलोभन के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा और इसमें दोषियों के लिए सख्त सजा तथा भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। वहीं, दूसरी ओर ‘लैंड जिहाद’ के बढ़ते मामलों और अवैध अतिक्रमण की शिकायतों पर बोलते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी (Demography) को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध भूमि सौदे या कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार असम और अन्य राज्यों की तर्ज पर जमीनों के अवैध हस्तांतरण और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए कड़े भूमि सुधार नियम पेश करेगी, ताकि स्थानीय नागरिकों और सांस्कृतिक धरोहरों के भू-अधिकार सुरक्षित रहें।

भारतीय संस्कृति और संवैधानिक मर्यादा की रक्षा

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार पूरी तरह से भारतीय संविधान के दायरे और मर्यादाओं के भीतर रहकर ही कार्य करेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “हमारी सरकार संविधान का सम्मान करती है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि भारतीय संस्कृति, सनातनी परंपराओं, पवित्र मठों, मंदिरों और हमारी ऐतिहासिक विरासतों पर होने वाले हमलों को मूकदर्शक बनकर देखा जाएगा। स्वामी विवेकानंद और महाप्रभु श्री चैतन्य की इस पावन भूमि पर किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी या विभाजनकारी गतिविधियों को पनपने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने जनता से देश और राज्य की सुरक्षा के प्रति एकजुट और सतर्क रहने की अपील की।

₹1,000 करोड़ का धार्मिक पर्यटन सर्किट

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले दो वर्षों के भीतर पश्चिम बंगाल में एक भव्य धार्मिक पर्यटन सर्किट (Religious Tourism Circuit) का निर्माण पूरा करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रारंभिक तौर पर ₹1,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक मंदिरों, आध्यात्मिक केंद्रों और सांस्कृतिक धरोहरों का कायाकल्प किया जाएगा ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने आगामी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने बताया कि आने वाले नवंबर माह में कोलकाता के नेताजी इनडोर स्टेडियम में करीब 20,000 श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा। वहीं, 29 दिसंबर को राज्यभर में एक भव्य इतिहास रचते हुए लगभग 10 लाख लोगों द्वारा सामूहिक गीता पाठ का महा-अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इन ऐलानों के बाद राज्य की राजनीति में पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चाएं तथा बयानबाजियां तेज हो गई हैं।

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