पूर्वोत्तर में उबाल: असम-मेघालय बॉर्डर पर भड़की हिंसा, पुलिस चौकी पर फेंके गए पेट्रोल बम

The CSR Journal Magazine

असम-मेघालय सीमा पर भारी तनाव: शिलॉन्ग में पेट्रोल बम से हमला, असम के वाहनों पर रोक

असम-मेघालय सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां शिलॉन्ग में भड़की हिंसा के बाद सरकारी ठिकानों पर हुए सिलसिलेवार पेट्रोल बम हमलों और असम की तरफ से की गई नाकेबंदी ने स्थिति को बेहद नाजुक बना दिया है। 19 अगस्त को शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की ब्लैक फ्लैग मोटरसाइकिल रैली के दौरान शुरू हुआ यह विवाद अब मेघालय के कई जिलों और असम से सटी सीमाओं तक फैल गया है। पिछले 24 घंटों में हुए हिंसक हमलों में 31 से अधिक वाहनों (ज्यादातर असम नंबर के) को निशाना बनाया गया और कई लोगों के साथ मारपीट की गई, जिसके जवाब में असम के ट्रांसपोर्टरों ने मेघालय जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया है।

सुलग उठा पूर्वोत्तर का सीमांत, पेट्रोल बम हमलों और नाकेबंदी से असम-मेघालय में भारी तनाव

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में बुधवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित एक विरोध रैली के दौरान स्थानीय लोगों और बाहरी (मुख्य रूप से असम के) नागरिकों के बीच झड़प हो गई थी। देखते ही देखते इस विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया। शुरुआती हिंसा में उपद्रवियों ने असम के पर्यटकों और व्यापारियों की गाड़ियों को निशाना बनाया। इसके बाद पिछले 24 घंटों के भीतर मेघालय के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी संपत्तियों पर पेट्रोल बम फेंके गए और आगजनी की गई।

नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर हमला

गुरुवार रात करीब 9:30 बजे शिलॉन्ग की नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी को निशाना बनाकर अज्ञात उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंका। बम परिसर के भीतर गिरा, जिससे वहां रखी कुर्सियां जल गईं। गनीमत रही कि ऊपरी मंजिल पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

नेशनल हाईवे-27 पर नाकेबंदी

जिला री-भोई में तीन सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। साउथ वेस्ट खासी हिल्स में भी एक अन्य सरकारी कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। शिलॉन्ग में असम के वाहनों पर हुए हमलों और पर्यटकों के साथ मारपीट की खबर फैलते ही असम के गुवाहाटी में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। असम के टैक्सी और वाणिज्यिक वाहन चालकों ने सुरक्षा की मांग को लेकर मेघालय से लगी सीमाओं (जैसे खानापारा और जोराबाट) पर नाकेबंदी कर दी। चालकों ने नेशनल हाईवे-27 पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मेघालय में असम नंबर की गाड़ियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और वहां की स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इस नाकेबंदी के कारण मेघालय में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई है।

खुले में पेट्रोल बेचने पर प्रतिबंध और कड़े सुरक्षा उपाय

बिगड़ते हालात को देखते हुए मेघालय प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। री-भोई के उपायुक्त (DC) डॉ. अभिषेक सैनी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर खुले बर्तनों या जेरीकेन में पेट्रोल और अन्य ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि इनका उपयोग पेट्रोल बम बनाने में न किया जा सके।

केंद्रीय बलों की तैनाती

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत मेघालय में केंद्रीय बलों की 5 कंपनियां (4 CRPF और 1 RAF) तैनात करने की मंजूरी दी है, जो 25 अगस्त तक राज्य पुलिस की मदद करेंगी।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने की शांति की अपील

इस तनाव को कम करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री सरमा ने असम के नागरिकों और वाहनों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि असम और मेघालय ‘सिस्टर स्टेट्स’ हैं, जिन्हें आपसी सम्मान और संयम से काम लेना चाहिए। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्थिति को सामान्य करने के लिए कैबिनेट मंत्रियों की एक संयुक्त बैठक बुलाने का फैसला किया है।

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