जर्मनी में फंसी अहमदाबाद की 5 साल की बच्ची: क्या अमित शाह ला पाएंगे अरिहा को?

The CSR Journal Magazine
गुजरात की 5 साल की बच्ची अरिहा को 7 महीने की उम्र में जर्मनी की चाइल्ड सर्विसेज ने अपने साथ ले लिया था। अब वह अपने माता-पिता से दूर रह रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में इस मामले को लेकर अहमदाबाद में जैनाचार्य से मुलाकात की और अरिहा को वापस लाने का वादा किया। सवाल यह है कि आखिर अरिहा जर्मनी में क्यों है और उसे भारत वापस लाने में क्या चुनौतियाँ हैं?

क्या है पूरा मामला?

अहमदाबाद के आईटी प्रोफेशनल भावेश शाह और उनकी पत्नी धारा ने अगस्त 2018 में जर्मनी जाने का फैसला किया। वहां उनकी बेटी अरिहा का जन्म फरवरी 2021 में हुआ। कोरोना महामारी के कारण वे भारत वापस नहीं आ सके। अरिहा के दादा-दादी भी जर्मनी आए, लेकिन एक दिन दादी ने अरिहा के प्राइवेट पार्ट में खून देखा। डॉक्टरों ने कहा कि यह हार्मोनल ब्लीडिंग है। लेकिन माता-पिता की चिंता बढ़ गई।

चाइल्ड सर्विसेज की दखलंदाजी

21 सितंबर 2021 को अरिहा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसे फोस्टर केयर में भेजा जाएगा। माता-पिता का आरोप है कि उन्हें बिना जानकारी के ही बच्ची से अलग कर दिया गया। इसके बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। चाइल्ड सर्विसेज ने आरोप लगाया कि अरिहा के साथ यौन शोषण हुआ है, लेकिन बाद में मेडिकल रिपोर्ट ने इस बात का खंडन किया।

जर्मनी में अरिहा के माता-पिता की समस्याएं

भावेश और धारा शाह को जर्मनी में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें बताया गया कि अरिहा की देखभाल के लिए उन्हें एडवोकेट करना होगा। तीन महीने बाद जब मेडिकल रिपोर्ट आई, तो उसमें यौन शोषण का कोई सबूत नहीं था। इसके बावजूद, चाइल्ड सर्विसेज ने अरिहा को वापस नहीं किया।

भारत सरकार के प्रयास

अरिहा को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने कई कदम उठाए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी के अधिकारियों से बात की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले को उठाया है। लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।

जर्मनी की चाइल्ड सर्विसेज पर आरोप

जर्मनी में चाइल्ड सर्विसेज, जिसे यूगेंडआम्ट कहा जाता है, पर आरोप है कि वे नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। अरिहा की कस्टडी के मामले में कोई सक्रिय कानूनी प्रक्रिया नहीं चल रही है। माता-पिता का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी की स्थिति की जानकारी नहीं दी जा रही है।

अरिहा की वर्तमान स्थिति

अरिहा को जर्मनी में एक चिल्ड्रन सेंटर में रखा गया है, जहां उसकी देखभाल जर्मन संस्कृति के अनुसार की जा रही है। माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी को भारतीय संस्कृति से दूर रखा जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें फोस्टर केयर के खर्च के लिए भी बिल भेजा गया है, जो उन्हें समझ में नहीं आता।

भविष्य की संभावनाएं

अरिहा के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी बर्लिन से दूर एक गांव में रह रही है। भारत सरकार को जर्मनी के साथ कानूनी और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास करने होंगे। अमित शाह ने कहा है कि वे इस मामले पर नजर रखेंगे। अब देखना है कि क्या अरिहा को भारत वापस लाने में कोई सफलता मिलती है।

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