भारत बिम्सटेक के साथ आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने को प्रतिबद्ध, बोले अमित शाह

The CSR Journal Magazine
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में कहा कि भारत आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए इन देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अपराधी नेटवर्क अब केवल एक देश की सीमाओं में नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में इनसे निपटने के लिए क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।

आपराधिक नेटवर्क का बढ़ता खतरा

शाह ने कहा कि आज के समय में अपराधी अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए स्थानीय कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं। इस स्थिति में बिम्सटेक देशों को मिलकर काम करना होगा ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन चुनौतियों का सामना करना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता को बढ़ाना है।

साझा संकल्प की आवश्यकता

अमित शाह ने कहा कि बिम्सटेक क्षेत्र में आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर खतरों से निपटने के लिए साझा संकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदस्य देशों को अपने सहयोग को व्यावहारिक रूप में बदलने की जरूरत है। इससे न केवल सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

भारत की मेज़बानी का गर्व

गृह मंत्री ने कहा कि बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक की मेज़बानी करना भारत के लिए गर्व की बात है। यह संगठन क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया कि बिम्सटेक में शामिल देशों की जनसंख्या लगभग 1.7 अरब है, जो दुनिया की कुल जनसंख्या का 22 प्रतिशत है।

आर्थिक सहयोग का महत्व

शाह ने बताया कि बिम्सटेक देशों की अर्थव्यवस्थाओं का कुल सकल घरेलू उत्पाद करीब पांच लाख करोड़ डॉलर है। इस संगठन के माध्यम से सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमापार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना और साझा कार्रवाई को प्रभावी बनाना है।

भविष्य की चुनौतियाँ

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में बिम्सटेक देशों को मिलकर काम करना होगा ताकि वे संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बना सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके।

सुरक्षा के लिए बेहतर तालमेल

शाह ने कहा कि बिम्सटेक देशों के बीच बेहतर तालमेल से उन आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, जो एक देश से दूसरे देश तक फैले नेटवर्क द्वारा संचालित होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समन्वय और सहयोग से क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।

आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

अमित शाह ने बिम्सटेक देशों के बीच आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि अगर सदस्य देश मिलकर काम करेंगे, तो वे न केवल अपने-अपने देशों में सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर सकते हैं। बिम्सटेक की यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है। इस दिशा में उठाए गए कदम न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाएंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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