657 करोड़ के बैंक घोटाले की चौंकाने वाली कहानी: डांसर गर्लफ्रेंड पर हर महीने 10 लाख, 4 करोड़ का घर और विदेश यात्राएं

The CSR Journal Magazine
हरियाणा और चंडीगढ़ के करीब 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सीबीआई की जांच में आरोपी पूर्व बैंक मैनेजर ऋभव ऋषि के कथित तौर पर सरकारी धन का इस्तेमाल निजी जिंदगी की महंगी जरूरतों, संपत्ति, लग्जरी होटल, विदेश यात्राओं और पार्टियों पर करने की बात सामने आई है। इसी कड़ी में उसकी महिला मित्र से पूछताछ में दोनों के रिश्ते और कथित खर्चों को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई की गवाह बनी ऋभव की महिला मित्र ने जांच एजेंसी को बताया कि दोनों की पहली मुलाकात मार्च-अप्रैल 2025 में चंडीगढ़ के एक कार्यक्रम में हुई थी। वह वहां डांसर के तौर पर पहुंची थी। इसके बाद मई 2025 में जयपुर के एक फार्महाउस में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई।

मुंबई के होटल में किया प्यार का इजहार

गवाह के मुताबिक, 5 जुलाई 2025 को मुंबई के सेंट रेजिस होटल में दोनों की तीसरी मुलाकात हुई। इसी दौरान ऋभव ने कथित तौर पर उससे अपने प्यार का इजहार किया। उसने खुद को इवेंट प्लानर और IDFC First Bank का ब्रांच मैनेजर बताया। साथ ही चावल के आयात-निर्यात का कारोबार होने की बात भी कही। महिला मित्र ने सीबीआई को बताया कि ऋभव ने उससे अपनी पत्नी से तलाक लेने और बाद में उससे शादी करने का भरोसा दिया था। इसके बाद उसने डांस का काम छोड़ने के लिए भी उसे तैयार किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच उसे हर महीने करीब 10 लाख रुपये दिए गए।

गर्लफ्रेंड के लिए 4 करोड़ का घर खरीदने का दावा

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, ऋभव ने 18 जुलाई 2025 को दिल्ली के द्वारका में अपनी महिला मित्र के लिए घर खरीदने की बात कही। इस घर की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, घर के लिए करीब एक लाख रुपये टोकन मनी दी गई थी। महिला मित्र ने कथित तौर पर 49 लाख रुपये दिए, जबकि बाकी रकम ऋभव की ओर से दिए जाने की बात सामने आई है। महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि वह जनवरी 2026 से इस घर में रह रही है।

मकाऊ, थाईलैंड और दुबई तक लग्जरी सफर

सीबीआई के सामने दिए गए बयान के मुताबिक, दोनों ने इस दौरान कई महंगे होटलों में समय बिताया। चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा दोनों गोवा भी गए। अगस्त 2025 में मकाऊ और थाईलैंड की यात्रा की गई। इसके बाद नवंबर 2025 में दुबई के बुर्ज अल अरब में ठहरने की बात सामने आई। महिला मित्र के अनुसार, ऋभव ने वहां एक विला दिखाते हुए भविष्य में वहीं बसने की बात भी कही थी। जनवरी 2026 में दोनों फिर दुबई गए, जहां टोयोटा लैंड क्रूजर बुक कराने की जानकारी भी जांच में सामने आई। सीबीआई पहले ही अदालत में आरोप लगा चुकी है कि ऋभव ने कथित तौर पर हेराफेरी किए गए धन का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने, लग्जरी होटल में ठहरने, विदेश यात्राओं और पार्टियों पर किया।

पार्टियों में लाखों रुपये उड़ाने का आरोप

जांच में पार्टियों का भी जिक्र सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिरकपुर स्थित जेड मैनर में कई पार्टियां आयोजित की गईं। इनमें सरकारी अधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप है। सीबीआई की जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, कुछ पार्टियों में डांसरों पर नकदी उड़ाई जाती थी और एक पार्टी पर करीब 15 से 20 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई है। ताजा रिपोर्टों में सीबीआई के हवाले से सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर महंगे आतिथ्य और अन्य लाभ दिए जाने की भी बात कही गई है।

657 करोड़ के घोटाले में कैसे आया नाम?

ऋभव ऋषि IDFC First Bank की चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-32 शाखा में ब्रांच मैनेजर था। सीबीआई की पहली चार्जशीट में उसे कथित घोटाले का प्रमुख आरोपी बताया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसके कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में कथित फर्जी लेनदेन हुए और शेल कंपनियों के जरिए सरकारी विभागों के पैसे को दूसरी जगह भेजे जाने का आरोप है। अलग-अलग जांच और मामलों में हरियाणा सरकार के विभागों तथा चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े खातों में कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। IDFC First Bank ने अदालत में कहा है कि सरकारी फंड से जुड़े कथित मामलों में उसे 646 करोड़ रुपये मूलधन का नुकसान हुआ, ब्याज अलग है।

IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल भी जांच के घेरे में

इस मामले में हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल का नाम भी सामने आया है। सीबीआई ने उन पर सरकारी विभागों के खातों से कथित धन निकासी को सुविधाजनक बनाने और ऋभव से कथित आर्थिक व अन्य लाभ लेने के आरोप लगाए हैं। सीबीआई के मुताबिक, जिन दो विभागों में अग्रवाल लगातार प्रशासनिक पदों पर रहे, उनसे जुड़े खातों में कुल 60.54 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी हुई। अग्रवाल ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनकी भूमिका अधीनस्थ अधिकारियों से आए प्रस्तावों को प्रशासनिक मंजूरी देने तक सीमित थी। वहीं सीबीआई का कहना है कि जांच में उनके और ऋभव के बीच कथित संपर्क तथा लाभ पहुंचाने से जुड़े सबूत मिले हैं।

अब शेल कंपनियों और पैसों के लेनदेन की जांच

सीबीआई अब कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी खातों से निकाला गया पैसा किन कंपनियों और खातों में पहुंचा। जांच एजेंसी की पहली चार्जशीट में कैपको फिनटेक सर्विसेज, आरएस ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस जैसी शेल संस्थाओं का भी जिक्र किया गया था। एजेंसी के अनुसार, इन संस्थाओं का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम को डायवर्ट करने के लिए किया गया। ऋभव की महिला मित्र का बयान भी जांच में अहम माना जा रहा है, क्योंकि उसके जरिए आरोपी की कथित जीवनशैली, यात्राओं, संपत्ति और खर्चों से जुड़ी जानकारी सामने आई है। हालांकि इन सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

क्या है मामले की बड़ी तस्वीर?

हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी खातों से जुड़े इस कथित बैंक घोटाले में अब जांच सिर्फ बैंकिंग लेनदेन तक सीमित नहीं रह गई है। सीबीआई पैसों के कथित इस्तेमाल, संपत्ति खरीद, शेल कंपनियों, बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के बीच संपर्क की भी पड़ताल कर रही है। ऋभव ऋषि और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों पर अदालत में आगे की कार्रवाई जारी है।

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