UP Sultanpur: सीताकुंड धाम में गोमती नदी का जलस्तर घटने से श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर से शुरू

The CSR Journal Magazine
सुल्तानपुर के प्रसिद्ध सीताकुंड धाम में एक बार फिर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है। हाल ही में हुई बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया था। इस स्थिति के कारण श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन पर रोक लगानी पड़ी थी। लेकिन अब जब नदी का जलस्तर कम हुआ है, घाट की तस्वीर बदलने लगी है और श्रद्धालु फिर से यहां पूजा-अर्चना करने के लिए आ रहे हैं। पहले पानी से घिरे इस घाट का दृश्य अब सामान्य होता जा रहा है। अगर आप भी सीताकुंड धाम में दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा स्थिति देखकर अपनी यात्रा तय कर सकते हैं।

सीताकुंड धाम का धार्मिक महत्व

सीताकुंड धाम को सुल्तानपुर के प्रमुख पौराणिक स्थलों में गिना जाता है। गोमती मित्र मण्डल के अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह के अनुसार, यह स्थान माता सीता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मान्यता रखता है। जनश्रुतियों के अनुसार, जब माता सीता प्रभु श्रीराम के साथ वनवास के लिए जा रही थीं, तब उन्होंने यहां अपने केश धोए थे। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम सीताकुंड पड़ा। यह धार्मिक स्थल केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण धरोहर भी है। यही वजह है कि यहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

गोमती आरती का विशेष महत्व

सीताकुंड धाम की पहचान यहां होने वाली गोमती आरती से भी है। प्रत्येक रविवार शाम करीब 6 बजे मां आदि गंगा गोमती की आरती की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु दीप जलाकर नदी की आराधना करते हैं। आरती के समय घाट का वातावरण भक्तिमय हो जाता है। बड़ी संख्या में लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचते हैं। दीपों की रोशनी और आरती की गूंज यहां आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

शनि देव का मंदिर और श्रद्धालुओं की भीड़

सीताकुंड धाम परिसर में स्थित शनि मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक शनिवार यहां पूजा-अर्चना के लिए भक्त पहुंचते हैं। बारिश के बाद नदी का जलस्तर कम होने से अब इस धार्मिक स्थल पर गतिविधियां फिर से बढ़ने लगी हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ अब फिर से यहां देखने को मिल रही है। हालांकि, घाट पर जाने से पहले पानी की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी है।
सीताकुंड धाम एक बार फिर अपनी धार्मिक पहचान और रौनक की ओर लौट रहा है। सुल्तानपुर की इस पौराणिक धरोहर में दर्शन-पूजन के साथ गोमती नदी के तट का आध्यात्मिक वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि इस स्थान पर आकर उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए, श्रद्धालु यहां आकर अपनी आस्था को और भी मजबूत करते हैं।

यात्रा की योजना बनाएं

अगर आप भी इस धार्मिक स्थल की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सीताकुंड धाम की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा तय करें। यहां की धार्मिक गतिविधियों और अनुष्ठानों में भाग लेने से आपको एक अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान हमेशा से एक विशेष महत्व रखता है और अब जब यहां की स्थिति सामान्य हो रही है, तो यह एक सुनहरा अवसर है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos