चिराग पासवान पर ट्रांसजेंडर बोर्ड सदस्य का विवादित बयान, मांझी नाराज

The CSR Journal Magazine

बिहार ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का विवादित बयान

बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें वे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के ट्रांसजेंडर होने का दावा कर रहे हैं। इस बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर व्यक्त की। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए लिखा कि यह टिप्पणी ‘बेतुकी’ और ‘निंदनीय’ है। मांझी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए।

राजन सिंह का विवादित बयान

डॉ. राजन सिंह का बयान दरअसल एक पुराने मीडिया इंटरव्यू में आया है। वीडियो में उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान पर टिप्पणी की थी। राजन ने बताया कि चिराग पासवान हमेशा किन्नर और एलजीबीटी समुदाय के समर्थन में खड़े रहे हैं। उनका कहना है कि चिराग खुद इस समुदाय से हैं और उन्हें गहरा प्रेम है। यह बयान राजनीतिक द्वंद्व का कारण बन गया है।

चिराग का किन्नर समुदाय के प्रति सम्मान

राजन सिंह ने कहा कि चिराग पासवान ने किन्नर समुदाय को काफी महत्व दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि चिराग के कई दोस्त इस समुदाय से जुड़े हुए हैं। इस तरह के बयान ने चिराग के लिए और भी चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इस पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस तरह के बयान सरकार की छवि को प्रभावित करेंगे।

डॉ. राजन की भगवान से जुड़ी बातें

डॉ. राजन ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित मंदिर में चिराग पासवान की मूर्ति को द्वारपाल के रूप में स्थापित करने की भी बात की। उन्होंने कहा कि यह चिराग के योगदान और समर्थन को मान्यता देने का एक तरीका होगा। ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक बयानबाजी केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावनाओं से भी जुड़ी है।

आरक्षण के मुद्दे पर फिरसे सामना

हाल ही में चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण के मुद्दे पर भी तीखी बहस हुई थी। चिराग ने मांझी से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की थी जबकि मांझी ने पलटवार करते हुए उसी प्रकार की मांग की थी। इस तरह के विवाद अब राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गए हैं। चिराग के बयान और मांझी की प्रतिक्रिया ने इस पूरे मामले को और भी गर्म कर दिया है।

राजनीतिक तकरार की नई परतें

इस विवाद के बीच अब यह देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस पर क्या कदम उठाएंगे। क्या वे इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगे या फिर इसे राजनीति का हिस्सा मानकर Ignored कर देंगे। राजनीतिक हलचलें हमेशा ही समाज में महत्वपूर्ण रुख दर्शाती हैं और इस बार यह मामला भी कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। ऐसे में, आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और भी चर्चाएँ देखने को मिल सकती हैं।

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