Gautam Gambhir ने मानसिक थकान पर खुलासा करते हुए कहा, ‘मैं दबाव से पीछे नहीं हटता, गोली खाने के लिए भी तैयार

The CSR Journal Magazine
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में अपने अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर के बीच मानसिक थकान का सामना करना पड़ता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद गंभीर ने कहा कि कई बार वह मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं, लेकिन वह कभी भी दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

डर के लिए नहीं है जगह

गौतम गंभीर ने रविवार (1 नवंबर) को हैमिल्टन में मिली हार के बाद कहा, ‘मेरी डिक्शनरी, डायरेक्टरी और विचारधारा में डर के लिए कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा पेशेवर रहते हैं और बहाने बनाने के लिए कोई जगह नहीं होती। गंभीर ने मानसिक थकान के बारे में ईमानदारी से कहा, ‘हां, मैंने इसे महसूस किया है, लेकिन मैं इसे संभालने के लिए काफी मजबूत हूं। मैं दबाव झेल सकता हूं, गोली (bullet) भी खा सकता हूं।’

गंभीर का कोचिंग सफर

गौतम गंभीर ने साल 2026 में अब तक 12 सीरीज में भारतीय टीम के साथ बतौर हेड कोच काम किया है। खिलाड़ियों को विभिन्न फॉर्मेट और मेडिकल टीम की सलाह के अनुसार आराम मिलता है, लेकिन तीनों फॉर्मेट की टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे गंभीर को लंबा ब्रेक नहीं मिल पाया है।

आधिकारिक जिम्मेदारियों का बोझ

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के दौरान जब वीवीएस लक्ष्मण टी20 टीम के साथ थे, तब गौतम गंभीर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में व्यस्त थे। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों में भी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। यह जिम्मेदारी गंभीर के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार किया है।

टीम की सराहना

गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड में शुरुआती तीन टी20 मुकाबले जीतने वाली भारतीय टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी पहली बार न्यूजीलैंड दौरे पर गए थे और लंबी यात्रा के बाद टीम को तैयारी के लिए केवल एक दिन मिला था।

कम तैयारी में शानदार प्रदर्शन

गौतम गंभीर के मुताबिक, अलग परिस्थितियों में न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कम तैयारी के बावजूद शानदार प्रदर्शन करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ियों को इस प्रदर्शन का पूरा श्रेय मिलना चाहिए। गंभीर ने खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को सराहा और कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है।
गौतम गंभीर ने आगे कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कोई दिक्कत नहीं है। वह जानते हैं कि क्रिकेट में मानसिक मजबूती कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह अपने अनुभवों से सीखते रहेंगे और टीम को आगे बढ़ाने का प्रयास करते रहेंगे।
गौतम गंभीर का दृष्टिकोण स्पष्ट है। वह मानते हैं कि हर चुनौती को स्वीकार करना चाहिए और उसे पार करने के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाड़ियों के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे और हर परिस्थिति का सामना करेंगे। उनकी यह सोच उन्हें और उनकी टीम को मजबूत बनाएगी।

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