SRA Rent Recovery: मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण यानी SRA ने झोपड़ीधारकों के बकाया किराए की वसूली और किराए से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष कक्ष शुरू किए हैं। इन कक्षों के जरिए किराए से जुड़े मामलों की सुनवाई, जांच और फैसला तेजी से किया जा रहा है। SRA के मुताबिक, इस व्यवस्था से पात्र झोपड़ीधारकों को उनका हक का किराया दिलाने में मदद मिल रही है। SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर के मार्गदर्शन में किराया न्यायनिवाडा और वसूली के लिए दो विशेष कक्ष बनाए गए हैं। विशेष कक्ष नंबर 1 में मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों के मामले देखे जाते हैं, जबकि विशेष कक्ष नंबर 2 में मुंबई शहर के मामले आते हैं।
Mumbai SRA Rent Recovery पर दे रही है जोर, बिल्डरों पर नकेल
कक्ष नंबर 1 में अब तक 2,058 मामले आए हैं। इनमें से 1,862 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के जरिए 37 करोड़ रुपये से ज्यादा का किराया वसूल किया गया है, जबकि 61 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को लेकर झोपड़ीधारकों के पक्ष में आदेश जारी किए गए हैं। फिलहाल 163 मामलों में सुनवाई चल रही है। वहीं, कक्ष नंबर 2 में 1,687 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 1,548 मामलों का निपटारा हो चुका है। इस कक्ष के जरिए 15 करोड़ रुपये से ज्यादा किराया वसूल किया गया है और 56 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को लेकर झोपड़ीधारकों के पक्ष में आदेश जारी हुए हैं। 115 मामलों में अभी सुनवाई जारी है।
डेवलपर्स से वसूला गया हजारों करोड़ का अग्रिम किराया
SRA के मुताबिक, साल 2025-26 में 417 योजनाओं से अगले दो वर्षों का कुल 1,440.22 करोड़ रुपये का अग्रिम किराया वसूल किया गया है। इसके अलावा 15 योजनाओं के हजारों पात्र झोपड़ीधारकों को किराया बांटने के लिए डेवलपर्स से 82.77 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है। किराए की वसूली और उसके वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 80 योजनाओं का स्वयंप्रेरणा से ऑडिट भी किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान ही मिल जाता है चेक
SRA अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में डेवलपर और झोपड़ीधारक के बीच किराए को लेकर विवाद रहता है। ऐसे मामलों की विशेष कक्ष में सुनवाई की जाती है। अगर जांच में डेवलपर के पास किराया बकाया पाया जाता है, तो उसे झोपड़ीधारक को रकम देने के निर्देश दिए जाते हैं। कुछ मामलों में सुनवाई के दौरान ही झोपड़ीधारक को चेक सौंपकर मामले का निपटारा कर दिया जाता है। कई मामलों में 10 साल तक का किराया बकाया मिला है। ऐसे मामलों में SRA के रेंट ऑडिटर पुराने रिकॉर्ड की जांच कर बकाया रकम तय करते हैं।
अब दफ्तर के चक्कर नहीं, ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत
SRA ने किराए से जुड़ी शिकायतों के लिए ‘किराया शिकायत प्रबंधन प्रणाली’ भी शुरू की है। इसके जरिए झोपड़ीधारक अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है। सुनवाई की तारीख, सुनवाई का कैलेंडर, आदेश और मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी भी सिस्टम पर उपलब्ध रहती है। इसके अलावा शिकायतकर्ता और डेवलपर को कार्रवाई से जुड़ी जानकारी SMS, WhatsApp और ई-मेल के जरिए भेजी जाती है। यह सिस्टम मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। डेवलपर्स के लिए भी अलग लॉगिन की सुविधा दी गई है।
हक के घर के साथ हक का किराया भी
SRA का कहना है कि पुनर्वसन में पात्र झोपड़ीधारकों को घर मिलने के साथ उनका देय किराया समय पर मिलना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से किराया वसूली और शिकायत निवारण की व्यवस्था को तेज और डिजिटल बनाया जा रहा है। विशेष कक्षों और ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अब झोपड़ीधारकों को अपना हक पाने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
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