90 से ज्यादा कॉलेजों में एक ही टीचर का नाम! NCTE की जांच में पकड़ाया खेल

The CSR Journal Magazine

NCTE की जांच में 90 से ज्यादा कॉलेजों में एक ही टीचर के नाम का खुलासा, डमी टीचर्स और फर्जी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने हाल ही में डमी टीचर्स और फर्जी शिक्षण संस्थानों की पहचान के लिए एक नई पहल शुरू की है। परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) के तहत, टीचर्स के पैन कार्ड वेरिफिकेशन का प्रावधान किया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया है कि कुछ टीचर्स 90 से भी ज्यादा संस्थानों में रजिस्टर्ड हैं।

चौंकाने वाले खुलासे

इन टीचर्स में से कुछ तो 50 से 60 और कुछ 90 से ज्यादा संस्थानों में नामांकित हैं। लेकिन असलियत यह है कि ये टीचर्स उन संस्थानों में पढ़ा नहीं रहे हैं। ये केवल नाम के लिए उन संस्थानों की टीचर्स लिस्ट में शामिल हैं। इसके बदले में उन्हें संस्थानों से कुछ राशि मिलती है, जिससे संस्थान को भी लाभ होता है। NCTE अब इस मामले की गहराई से जांच करने की तैयारी कर रहा है।

PAR जमा करने की प्रक्रिया

NCTE ने सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) जमा करने के निर्देश दिए थे। इस प्रक्रिया में करीब 13 हजार टीचिंग संस्थानों का डेटा जमा किया गया था। हालांकि, कुछ संस्थान इस आदेश के खिलाफ कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने NCTE को TEIs से PAR मांगने का अधिकार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें NCTE की कार्यकारी समिति द्वारा टीचिंग संस्थानों से APR मांगने के नोटिस को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने उन संस्थानों को एक और मौका दिया कि वे APR जमा करें। NCTE ने अब करीब 850 संस्थानों को APR जमा करने का एक आखिरी मौका दिया है। दिवाली के बाद इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी। NCTE ने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार की है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो संस्थान फोटो भेज रहे हैं, क्या वही संस्थान वास्तविकता में चल रहा है।

जियो-टैगिंग का उपयोग

NCTE ने जियो-टैगिंग या स्थान-आधारित पहचान की प्रक्रिया का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि टीचर्स और स्टूडेंट्स की संख्या कितनी है। यह प्रक्रिया शिक्षण संस्थानों की वास्तविकता को उजागर करने में मदद करेगी। NCTE को डमी टीचर्स और कैंडिडेट्स के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। इसके बाद, NCTE ने मौजूदा रेगुलेशंस के आधार पर APR फॉर्मूला लागू किया है। सरकार का मानना है कि क्लासरूम टीचिंग की गुणवत्ता में सुधार के लिए अच्छे शिक्षकों का होना बहुत जरूरी है।

फर्जी संस्थानों पर कार्रवाई

कुछ संस्थानों में केवल छात्रों का रजिस्ट्रेशन होता है, लेकिन न तो कोई इंफ्रास्ट्रक्चर होता है और न ही पढ़ाने वाले। NCTE ने ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी किया है कि वे अपनी कमियों को दूर करें। जो संस्थान APR जमा नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम शिक्षण व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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