SIR: नवी मुंबई में फोटो कॉपी दुकान पर मिले 3,400 SIR फॉर्म, पांच BLO सस्पेंड

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित खारघर के सेक्टर-19 में एक निजी फोटोकॉपी दुकान पर SIR से जुड़े 3,400 फॉर्म मिलने के बाद हड़कंप मच गया। ये फॉर्म पनवेल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से जुड़े बताए गए हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि दुकान पर रखे फॉर्म 11 मतदान केंद्रों से संबंधित थे। इनमें ज्यादातर फॉर्म पांच मतदान केंद्रों के थे, जबकि छह अन्य केंद्रों से एक-एक कॉपी मिली थी।

शिकायत के बाद दुकान पर पहुंची जांच टीम

यह मामला तब सामने आया जब शिकायत मिली कि खारघर की एक दुकान पर SIR फॉर्म की फोटो कॉपी की जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया कि फॉर्म एक निजी व्यक्ति के पास बिना अनुमति के मौजूद थे। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की टीम को फोटोकॉपी सेंटर भेजा। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि सूरज पाटिल 3,400 आवेदन लेकर दुकान पर आया था।

पांच BLO किए गए निलंबित

SIR: मामले को गंभीरता से लेते हुए रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने पांच बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई फिलहाल अनुशासनात्मक जांच पूरी होने तक की गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि मतदाताओं द्वारा भरे गए SIR फॉर्म निर्धारित प्रक्रिया से बाहर निकलकर निजी फोटोकॉपी सेंटर तक कैसे पहुंचे और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई।

BJP और शिवसेना UBT कार्यकर्ताओं में विवाद

फॉर्म मिलने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में भी बदल गया। पुलिस के अनुसार शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति को दुकान पर SIR फॉर्म की फोटो कॉपी कराते हुए पकड़ा। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वह भाजपा की युवा शाखा से जुड़ा पदाधिकारी है। इसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की बात सामने आई। पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लिया। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस मामले से पार्टी कार्यकर्ताओं का कोई संबंध होने से इनकार किया है।

SIR: सूरज पाटिल के खिलाफ केस दर्ज

रायगढ़ जिला कलेक्टर किशन जावले ने बताया कि सूरज पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दुकान से मिले SIR फॉर्म भी जब्त किए हैं। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि फॉर्म किसके जरिए दुकान तक पहुंचे और उनकी फोटो कॉपी क्यों कराई जा रही थी।

भाजपा ने आरोपों से किया इनकार

शिवसेना (UBT) के पदाधिकारी बालेश भोजने ने सवाल उठाया कि आम मतदाताओं द्वारा भरे गए सरकारी फॉर्म निजी लोगों तक कैसे पहुंचे। उन्होंने भाजपा की युवा शाखा के पदाधिकारियों के इस मामले से जुड़े होने का आरोप लगाया। वहीं पनवेल नगर निगम के मेयर और भाजपा नेता नितिन पाटिल ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। इसलिए फिलहाल भाजपा से जुड़े होने की बात आरोप के स्तर पर ही है।

SIR प्रक्रिया की सुरक्षा पर उठे सवाल

SIR के दौरान मतदाताओं से जुड़े फॉर्म में निजी जानकारी होती है। ऐसे में हजारों भरे हुए फॉर्म का एक निजी फोटोकॉपी सेंटर पर मिलना प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है। मुख्य सवाल यह है कि 3,400 फॉर्म निजी दुकान तक कैसे पहुंचे और उन्हें वहां फोटो कॉपी कराने की अनुमति किसने दी थी। इसी बिंदु पर प्रशासनिक जांच आगे बढ़ रही है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह साबित नहीं हुआ है कि इन फॉर्म में कोई चुनावी हेरफेर की गई थी।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

SIR: फिलहाल पांच BLO के निलंबन और सूरज पाटिल के खिलाफ केस के बाद जांच आगे बढ़ रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि फॉर्म के रखरखाव और उनके निजी दुकान तक पहुंचने में किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में केवल प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे कोई और वजह थी।

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