ठाणे ट्रैफिक अलर्ट: आदिवासी मार्च से मुंबई की ओर यातायात प्रभावित, 27–28 अक्टूबर को भारी वाहनों पर प्रतिबंध
मुंबई की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए 27 और 28 अक्टूबर को यातायात संबंधी विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। आदिवासी मार्च के मद्देनजर ठाणे में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए जाने की सूचना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मार्च के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखना, प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति से बचना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसका असर विशेष रूप से ठाणे से मुंबई की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों, परिवहन कारोबारियों और उन वाहन चालकों पर पड़ सकता है, जो रोजाना कामकाज के सिलसिले में मुंबई और ठाणे के बीच यात्रा करते हैं। हालांकि, प्रतिबंध किन सड़कों पर लागू होगा, इसकी शुरुआत और समाप्ति का समय क्या रहेगा तथा किन श्रेणियों के वाहनों को छूट मिलेगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक यातायात अधिसूचना से करना जरूरी है।
27 अक्टूबर सुबह 6 बजे से लागू होंगे यातायात प्रतिबंध
ठाणे यातायात पुलिस की अधिसूचना के अनुसार, प्रतिबंध 27 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 28 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12 बजे तक लागू रहेंगे। यह निर्णय श्रमजीवी संगठन के नेतृत्व में निकाले जा रहे ‘संविधान हक्क संघर्ष मोर्चा’ के कारण संभावित यातायात दबाव को देखते हुए लिया गया है। मार्च में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। यातायात पुलिस के उपायुक्त पंकज शिरसाट की ओर से जारी आदेश मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत लागू किया गया है। इसके अंतर्गत कई प्रमुख मार्गों और प्रवेश बिंदुओं पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। इसका असर मुंबई, नवी मुंबई, नासिक, गुजरात और ठाणे के बीच माल ढुलाई करने वाले वाहनों पर पड़ सकता है।
किन वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध?
यातायात व्यवस्था के तहत 10 या उससे अधिक पहियों वाले भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर सुबह 6 से 11 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक प्रवेश प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, अधिसूचना में निर्धारित कुछ मार्गों पर छह या उससे अधिक पहियों वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, सभी मार्गों पर एक जैसे नियम लागू नहीं होंगे। वाहन चालकों को अपने गंतव्य और संबंधित प्रवेश बिंदु के अनुसार यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस वाहन, अग्निशमन दल, ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति करने वाले वाहन, आवश्यक वस्तुओं तथा जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों और अन्य जरूरी आपातकालीन सेवाओं को निर्धारित छूट दी गई है।
इन प्रमुख मार्गों पर रहेगी विशेष निगरानी
आनंदनगर चेक नाका: मुंबई और नवी मुंबई से आनंदनगर के रास्ते नासिक जाने वाले भारी वाहनों को प्रवेश प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे वाहनों के लिए ऐरोली, महापे, शिलफाटा, पत्रीपुल, दुर्गाडी और रांजनोली नाका के रास्ते जाने का विकल्प बताया गया है।
घोड़बंदर रोड और लोढ़ा यू-टर्न: मुंबई, विरार और वसई की ओर से घोड़बंदर रोड होते हुए नासिक जाने वाले भारी वाहनों को लोढ़ा यू-टर्न के पास नियंत्रित किया जाएगा। इनके लिए आनंदनगर, ऐरोली, महापे, शिलफाटा, पत्रीपुल, दुर्गाडी और रांजनोली नाका वाला वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।
विटावा जकात नाका: बेलापुर-ठाणे मार्ग से नासिक की ओर जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर यहां प्रतिबंध रहेगा।
महापे-शिलफाटा मार्ग: पूजा पंजाब होटल के पास ठाणे, नासिक और गुजरात की ओर जाने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। नासिक जाने वाले वाहन पत्रीपुल और दुर्गाडी के रास्ते जा सकेंगे, जबकि गुजरात की ओर जाने वाले वाहनों के लिए महापे, माजीवाड़ा वाई-जंक्शन और घोड़बंदर मार्ग का विकल्प बताया गया है।
तलोजा-दहिसर मोरी-कल्याण फाटा मार्ग: इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास भी भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
चिचोटी-माणकोली नाका: मुंबई, नवी मुंबई और पनवेल की ओर जाने वाले वाहनों को यहां यातायात नियंत्रण का सामना करना पड़ सकता है। इनके लिए रांजनोली नाका, दुर्गाडी, पत्रीपुल और शिलफाटा के रास्ते का विकल्प दिया गया है।
रांजनोली नाका और दुर्गाडी पुल: वाडा रोड के नादीनाका-वाडपा मार्ग से आने वाले तथा नासिक से मुंबई, नवी मुंबई और पनवेल जाने वाले वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। मुरबाड से मुंबई जाने वाले भारी वाहनों को दुर्गाडी के बजाय पत्रीपुल, शिलफाटा और महापे के रास्ते जाने की सलाह दी गई है।
क्यों निकाला जा रहा है आदिवासी मार्च?
श्रमजीवी संगठन की ओर से निकाले जा रहे इस मार्च का उद्देश्य आदिवासी समुदाय और अन्य वंचित वर्गों से जुड़े लंबित मुद्दों पर महाराष्ट्र सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। संगठन ने वन अधिकार, भूमि स्वामित्व, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, रोजगार और मजदूरी जैसे विषयों पर कार्रवाई की मांग की है। मार्च की शुरुआत 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे भिवंडी के माणकोली क्षेत्र में डोंबिवली लिंक रोड के पास चवाठा हिरवा मैदान से होने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनकारी पहले खारेगांव टोल नाके तक पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम के बाद 28 अक्टूबर को मुंबई स्थित मंत्रालय की ओर रवाना होंगे। इस आंदोलन में ठाणे, पालघर, नासिक, पुणे और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों के लोगों के शामिल होने की संभावना है। संगठन की प्रमुख मांगों में लंबित वन अधिकार दावों का शीघ्र निपटारा, पात्र लोगों को वनपट्टे देना, आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना, आदिवासी बस्तियों में नियमित नल से पानी पहुंचाना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल है। इसके अलावा, जमीन पर खेती करने वाले पात्र लोगों के भूमि अधिकार, मजदूरों को उचित वेतन, असंगठित और ठेका श्रमिकों की सुरक्षा तथा जरूरी पहचान दस्तावेजों से वंचित लोगों के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग भी उठाई गई है।
आम यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मुंबई और ठाणे के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को 27 और 28 अक्टूबर को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी चाहिए। विशेष रूप से भारी वाहनों, मालवाहक ट्रकों और व्यावसायिक परिवहन से जुड़े लोगों को निर्धारित मार्गों और प्रतिबंधों की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए। कार और दोपहिया वाहन चालकों को भी माणकोली, खारेगांव, आनंदनगर, घोड़बंदर रोड, महापे-शिलफाटा तथा आसपास के प्रमुख जंक्शनों पर संभावित भीड़ को ध्यान में रखना चाहिए। मार्च के गुजरने और यातायात पुलिस द्वारा वाहनों को नियंत्रित किए जाने के कारण कुछ मार्गों पर यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है। हालांकि, सभी निजी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा उपलब्ध सूचना में नहीं है। वाहन चालकों को मौके पर तैनात यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए और प्रतिबंधित मार्ग पर जबरन प्रवेश करने से बचना चाहिए। किसी भी वैकल्पिक मार्ग पर निकलने से पहले उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेना भी जरूरी है।
कारोबार और माल ढुलाई पर पड़ सकता है असर
ठाणे मुंबई महानगर क्षेत्र में माल परिवहन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से नवी मुंबई, गुजरात और नासिक की ओर जाने वाले मार्ग औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए अहम हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही पर समयबद्ध प्रतिबंध से माल की आपूर्ति और परिवहन की समय-सारिणी प्रभावित हो सकती है। परिवहन कंपनियों और मालवाहक वाहन संचालकों के लिए बेहतर होगा कि वे प्रतिबंध लागू होने से पहले अपने मार्गों और प्रस्थान के समय में आवश्यक बदलाव करें। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा, ईंधन की खपत और यातायात जाम में फंसने की आशंका कम की जा सकती है।
निष्कर्ष: 27 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 28 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक ठाणे में लागू यातायात नियंत्रण के कारण भारी वाहनों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। आदिवासी मार्च के चलते प्रमुख मार्गों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसलिए वाहन चालकों को यात्रा से पहले ताजा यातायात सूचना की पुष्टि करनी चाहिए और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए।
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