Mumbai में लालबाग गणपति पंडाल में करंट हादसा, 2 की मौत, 4 घायल

The CSR Journal Magazine
मुंबई के काळाचौकी क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान एक भीषण हादसा हुआ है। महागणपति पंडाल के पास रात के करीब 2 बजे करंट फैलने से पांच बच्चे और किशोर इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में 8 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर घायल हैं। घायल सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के समय की भीड़ और स्थिति

फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि उस समय पंडाल के बाहर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। अचानक करंट फैलने से दो लड़के और तीन लड़कियां इसकी चपेट में आ गए। सभी को भायखला के मसीना अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 8 साल की बच्ची को मृत घोषित कर दिया। एक घायल लड़की की गंभीर हालत को देखते हुए उसे परेल के ग्लोबल अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल

मसीना अस्पताल में भर्ती तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें 19 साल के किरण अकबर नाइक, 19 साल की तन्वी नरश हांडे, 19 साल के साहिल संदीप तारे और 12 साल की रूही सिंह शामिल हैं। हादसे के बाद ग्लोबल अस्पताल में भी एक महिला की मौत हुई, जिसकी पहचान अभी नहीं हुई है। महिला को भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हादसे के बाद प्रशासन का दौरा

घटना के बाद कई एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मुंबई फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। इससे पहले भी, गणपति उत्सव के दौरान ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा की व्यवस्थाएं कमजोर बनी हुई I
8 साल की रागिनी यादव की मासी, किस्मती यादव ने पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों के साथ दर्शन करने आई थीं, लेकिन वहां कोता चीट लगी हुई थी। अचानक तिरपाल खींचने के कारण बिजली का तार नीचे गिर गया और कई बच्चे इसकी चपेट में आ गए। किस्मती यादव ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोजकों को इतनी बड़ी भीड़ के लिए सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

गणपति उत्सव में सुरक्षा की मांग

किस्मती यादव ने स्पष्ट कहा कि गणपति उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं और सुरक्षा का ध्यान रखने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा। उनका कहना था कि हादसे के बाद केवल अधिकारियों के बयान लिए जाते हैं, लेकिन परिवार को वापस अपना बच्चे नहीं मिल सकता।

भविष्य के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता

बचाव कार्य के दौरान मसीना अस्पताल में पहुंचे डॉक्टरों ने गंभीर घायलों का इलाज शुरू किया। कई स्थानीय लोग हादसे के बाद घायलों की मदद के लिए आगे आए हैं। यह घटना इस समय हुई, जब गणपति उत्सव चल रहा है और लालबाग क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई थी। ऐसे में प्रशासन और आयोजकों को सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की ज़रूरत है।

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