Madhya Pradesh: रक्षाबंधन से पहले 9,149 श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत, संबल योजना से मिले 203 करोड़

The CSR Journal Magazine
मध्य प्रदेश के श्रमिक परिवारों के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किश्त जारी कर दी। इसके तहत प्रदेश के 9,149 संबल हितग्राहियों के बैंक खातों में 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता सीधे ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों से जुड़े श्रमिक हितग्राहियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की नींव मजबूत कर रहे हैं और मुश्किल समय में सरकार उनका साथ नहीं छोड़ेगी।

9,149 श्रमिकों को मिला लाभ

11वीं किश्त में सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता के 8,027 हितग्राही, दुर्घटना में मृत्यु के 1,034 हितग्राही, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 और स्थायी दिव्यांगता के 22 हितग्राही शामिल हैं। सरकार के अनुसार, संबल योजना 2.0 के जरिए आर्थिक संकट की स्थिति में श्रमिक परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुराने लंबित मामलों को निपटाते हुए पात्र हितग्राहियों को लगातार सहायता उपलब्ध करा रही है।

मृत्यु पर 4 लाख तक की मदद

Madhya Pradesh: संबल योजना के तहत पात्र श्रमिक परिवारों को अलग-अलग परिस्थितियों में आर्थिक सहायता दी जाती है। अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाती है। इससे संकट के समय परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा मिलता है।

गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 16 हजार रुपये

सरकार ने संबल योजना में श्रमिक परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए भी कई प्रावधान किए हैं। पात्र गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 16 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, ताकि गर्भावस्था के दौरान आर्थिक परेशानी कम हो और मां-बच्चे के पोषण का ध्यान रखा जा सके। इसके अलावा संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से भी जोड़ा गया है। श्रमिक परिवारों के बच्चों की मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक जैसी पढ़ाई की फीस में भी सरकार मदद कर रही है।

गिग वर्कर्स भी संबल योजना में शामिल

बदलते रोजगार के तरीकों को देखते हुए सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 के दायरे में शामिल किया है। यानी ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य श्रमिकों को केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

श्रमिकों की सुरक्षा पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है। इसके साथ ही श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत की गई है। सरकार ने श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘श्रमणा’ योजना भी शुरू की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, श्रमिकों की मेहनत और हुनर को बेहतर अवसर देकर उन्हें आगे बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर है।

श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने की कोशिश

संबल योजना 2.0 के जरिए सरकार का फोकस उन परिवारों को आर्थिक सहारा देने पर है, जो मृत्यु, दुर्घटना या दिव्यांगता जैसी अचानक आई परिस्थितियों में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। 11वीं किश्त में 203 करोड़ रुपये का वितरण इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, संबल योजना से अब तक 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन समय में श्रमिक परिवारों के साथ सरकार खड़ी रहेगी।

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