Maharashtra-Spacefest: महाराष्ट्र बनेगा Space Tech का ग्लोबल हब, जानें कैसे?

The CSR Journal Magazine
Maharashtra-Spacefest: महाराष्ट्र को अंतरिक्ष क्षेत्र के उद्योगों का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने ‘स्पेसफेस्ट’ (Maharashtra-Spacefest) की घोषणा करते हुए कहा कि इसके जरिए विज्ञान, अंतरिक्ष और मनोरंजन का त्रिवेणी संगम तैयार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार और मनोरंजन, गेमिंग एवं ई-स्पोर्ट्स क्षेत्र की कंपनी नोडविन गेमिंग के सहयोग से आयोजित होने वाला यह भारत का पहला ऐसा कार्यक्रम होगा, जो अंतरिक्ष, विज्ञान, नवाचार और Space-based Pop Culture को एक मंच पर लाएगा।

युवाओं को Space Tech से जोड़ने की तैयारी

डॉ. सामंत ने कहा कि स्पेसफेस्ट केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के विद्यार्थियों, युवाओं और नए उद्यमियों को अंतरिक्ष क्षेत्र में मौजूद अवसरों से परिचित कराना है। सरकार का फोकस भविष्य में इस क्षेत्र के जरिए रोजगार, निवेश और नए उद्योगों के अवसर पैदा करने पर है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी की रोजगार और उद्योग संबंधी अपेक्षाएं बदल रही हैं। ऐसे में पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, अंतरिक्ष, गेमिंग और नए उद्योगों की जानकारी देना जरूरी है। स्पेसफेस्ट इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है।

Chandrayaan में महाराष्ट्र के उद्योगों का योगदान

उद्योग मंत्री ने बताया कि Chandrayaan Mission में महाराष्ट्र के कई छोटे और मध्यम उद्योगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खासकर पुणे जिले के कई उद्योगों ने चंद्रयान के लिए जरूरी उपकरण और हिस्से तैयार किए थे। अब सरकार का प्रयास है कि अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े इन उद्योगों को एक मंच पर लाकर महाराष्ट्र की क्षमता को दुनिया के सामने रखा जाए। उन्होंने कहा कि Space Sector केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विमान के पुर्जे, उपग्रहों के घटक, रक्षा तकनीक और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं।

उद्योगों के लिए जमीन और Infrastructure पर जोर

डॉ. सामंत ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र में जरूरी Infrastructure और Industrial Land उपलब्ध कराई जाएगी। रक्षा क्षेत्र के लिए शिर्डी, रत्नागिरी समेत अन्य स्थानों पर Hub और Cluster विकसित किए जा रहे हैं। Space और Defence Sector से जुड़े उद्योगों को जमीन की कमी न हो, इसके लिए MIDC के माध्यम से जरूरी सहयोग दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र में Space Sector में निवेश, Foreign Investment और रोजगार के नए अवसर लाना है। मंत्री ने कहा कि स्पेसफेस्ट के दौरान की गई घोषणाओं को तय समयसीमा में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

Space Tech की पूरी Value Chain महाराष्ट्र में विकसित होगी

उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन (Dr. P Anbalgan, Secretary, Industries Department Maharashtra) ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अंतरिक्ष प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र में Advanced Manufacturing, Robotics, Research, Engineering और Space Tech की पूरी Value Chain विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश के Aerospace & Defence और Navigation Systems से जुड़े करीब 25 प्रतिशत उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी है। Electrical और Electronic Components के उत्पादन में भी राज्य का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि Defence, Nuclear Technology, Aerospace और Space Technology को जोड़ते हुए ‘DNA Policy’ तैयार की जा रही है, जिसे जल्द घोषित किया जाएगा।

2032-33 तक Space Economy 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद

Dr. P Anbalgan, Secretary, Industries Department Maharashtra के मुताबिक भारत की Space Tech Economy फिलहाल करीब 8.5 से 9 अरब डॉलर की है। इसके 2032-33 तक 45 से 50 अरब डॉलर और 2040 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इस संभावित वृद्धि में महाराष्ट्र की बड़ी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए सरकार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों, रिसर्च संस्थानों और निवेशकों को एक साथ लाया जा रहा है। पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर में Advanced Manufacturing और Precision Engineering की क्षमता विकसित की जाएगी। वहीं नांदेड, नागपुर और MIHAN में Helicopter और Aircraft Manufacturing के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

Space Startups के लिए विशेष Ecosystem

MIDC CEO दीपेंद्रसिंह कुशवाह (Dependra Singh Kushwaha, IAS) ने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र के Startups को Infrastructure, Technology, Mentorship और Testing Facilities उपलब्ध कराने के लिए विशेष Ecosystem तैयार किया जा रहा है। राज्य की ‘मैट्रिक्स’ योजना के तहत करीब 200 Incubation Centres विकसित किए जाएंगे। इनमें Co-working Space, Laboratories, Testing, Certification, AI और Mentorship जैसी सुविधाएं बाजार दर से 75 से 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी। Space Sector के Startups को इनमें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुंबई, पुणे, नागपुर और नाशिक में करीब 15 लाख वर्गफुट क्षेत्र में ये केंद्र विकसित किए जाएंगे। IIT मुंबई, IIM नागपुर, VJTI और COEP सहित पहले चरण के करीब 12 केंद्रों का काम शुरू हो चुका है और इन्हें जल्द शुरू किया जाएगा।

Maharashtra-Spacefest: सिर्फ तीन दिन का कार्यक्रम नहीं, नई शुरुआत

सरकार के मुताबिक स्पेसफेस्ट को केवल तीन दिन के कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र में Space Tech, Innovation, Research और Entrepreneurship के लिए लंबे समय की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में मौजूद औद्योगिक क्षमता, मजबूत विनिर्माण आधार, शैक्षणिक संस्थानों और नए Startup Ecosystem को एक साथ लाकर राज्य को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक Space Tech Hub के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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