साइबर सिटी या तैरता वेनिस? भारी बारिश में डूबे गुरुग्राम के आलीशान आशियाने-लक्जरी गाड़ियां

The CSR Journal Magazine

गुरुग्राम में बारिश का कहर: करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें हुईं बेकार!

मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद 50 से 100 करोड़ रुपये तक की कीमत वाले सुपर लग्जरी फ्लैट्स के सामने की सड़कें और बेसमेंट पानी में डूब गए, जिससे करोड़ों की गाड़ियां कबाड़ में तब्दील हो गईं और प्रशासन को स्कूलों व दफ्तरों के लिए ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम (WFH) की एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। मानसून की इस मूसलाधार बारिश ने साइबर सिटी के बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।

‘साइबर सिटी’ या तैरता हुआ ‘वेनिस’? बारिश ने छीनी मिलेनियम सिटी की चमक

देश की सबसे आलीशान गगनचुंबी इमारतों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गढ़ ‘मिलेनियम सिटी’ गुरुग्राम में कल हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसा तांडव मचाया कि शहर का पूरा सिस्टम पानी-पानी हो गया। कुछ ही घंटों की बारिश में गुरुग्राम का वह चमचमाता चेहरा पूरी तरह से बदरंग हो गया, जिसे दुनिया भर में एक ‘स्मार्ट और आधुनिक शहर’ के रूप में पेश किया जाता है। इस आपदा ने आम आदमी को तो परेशान किया ही, लेकिन सबसे हैरान करने वाली तस्वीरें शहर के सबसे पॉश इलाकों गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) और DLF Phase 5 से आईं, जहां करोड़ों रुपये के आलीशान आशियाने और लग्जरी गाड़ियां पानी के सैलाब में लाचार नजर आईं।

करोड़ों के अपार्टमेंट्स में घुसा पानी, स्विमिंग पूल बनीं सोसायटियां

गुरुग्राम का गोल्फ कोर्स रोड, जहां DLF Magnolias जैसी सोसायटियों में एक-एक फ्लैट की कीमत ₹50 करोड़ से लेकर ₹100 करोड़ और उससे भी अधिक है, वहां सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया था। आलीशान सोसायटियों के मुख्य द्वारों और लॉबी तक घुटनों से ऊपर पानी भर गया। कुछ हाई-राइज सोसायटियों के बेसमेंट में पानी भरने की वजह से बिजली के ट्रांसफार्मर डूब गए, जिससे कई घंटों तक बिजली कटी रही और लिफ्ट ठप हो गईं। जो लोग करोड़ों खर्च कर एक प्रीमियम लाइफस्टाइल की उम्मीद में यहां रह रहे थे, वे अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।

पानी में तैरती दिखीं मर्सिडीज, BMW और AUDI

जलभराव का सबसे बड़ा नुकसान उन लोगों को हुआ जिनकी करोड़ों रुपये की लग्जरी कारें सोसायटियों के बेसमेंट या सड़कों पर खड़ी थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में करोड़ों की मर्सिडीज (Mercedes), बीएमडब्ल्यू (BMW), ऑडी (Audi) और पोर्श जैसी गाड़ियां आधी से ज्यादा पानी में डूबी हुई नजर आ रही हैं। इंजन में पानी घुसने (Hydrostatic Lock) के कारण ये गाड़ियां मौके पर ही कबाड़ में बदल गईं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन लग्जरी कारों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं और एक-एक कार की मरम्मत का खर्च ही लाखों रुपये में आएगा। कई मालिकों को अपनी महंगी कारों को पानी के बीच लावारिस छोड़ना पड़ा।

शहर की रफ्तार पर ब्रेक: स्कूल बंद, दफ्तरों में WFH

सोमवार को हुई करीब 70 से 100 मिलीमीटर की भारी बारिश के बाद आज, मंगलवार (25 अगस्त) को भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। सोमवार को सुभाष चौक और राजीव चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर स्कूली बसें 2 से 3 घंटे तक पानी के बीच फंसी रहीं, जिसके बाद बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने तुरंत कदम उठाते हुए आज के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है।
स्कूल हुए ऑनलाइन: गुरुग्राम के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखकर कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दफ्तरों के लिए Work From Home: सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों और निजी संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम (WFH) करने की अनुमति दें, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके और ड्रेनेज की मरम्मत का काम तेजी से हो सके।

यातायात का बुरा हाल: 15 मिनट का सफर 1 घंटे में

बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48), हीरो होंडा चौक, इफ्को चौक, सिग्नेचर टावर और सोहना रोड पर ट्रैफिक रेंगता नजर आया। सामान्य दिनों में सिग्नेचर टावर से हीरो होंडा चौक की दूरी तय करने में जहां 15 मिनट लगते हैं, वहीं कल ड्राइवरों को 50 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का समय लगा।

जनता का फूटा गुस्सा: “हम टैक्स क्यों दें?”

इस भारी बदइंतजामी के बाद टैक्सपेयर्स और शहर के उद्योगपतियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। कई स्टार्टअप फाउंडर्स और निवासियों ने सोशल मीडिया पर हरियाणा सरकार और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं। लोगों का कहना है कि वे करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स और भारी रोड टैक्स चुकाते हैं, लेकिन एक घंटे की बारिश भी यह शहर झेल नहीं पाता। सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए गुरुग्राम को ‘साइबर सिटी’ के बजाय ‘वेनिस सिटी’ (तैरता हुआ शहर) बुला रहे हैं।

आखिर क्यों बार-बार डूब जाता है गुरुग्राम?

अर्बन प्लानर्स और विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या की मुख्य वजह अनियोजित शहरीकरण और प्राकृतिक जल निकासी (Natural Drainage) का खात्मा है।
प्राकृतिक नालों पर कब्जा: अरावली से आने वाले पानी के जो प्राकृतिक रास्ते (जोहड़ और तालाब) थे, उन पर कंक्रीट की ऊंची इमारतें खड़ी कर दी गई हैं।
घटिया ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर: शहर का ड्रेनेज सिस्टम पिछले 15 सालों से अपग्रेड नहीं हुआ है, जिससे यह भारी बारिश का लोड नहीं संभाल पाता।
कंक्रीटीकरण: शहर का लगभग 60% हिस्सा कंक्रीट से ढक चुका है, जिससे बारिश का पानी जमीन के नीचे नहीं जा पाता और सड़कों पर ही जमा हो जाता है।
यह आपदा सबक है कि जब तक बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार नहीं किया जाएगा, तब तक आलीशान गगनचुंबी इमारतें और करोड़ों के वादे सिर्फ कागजी ही साबित होंगे।

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