JNU में ABVP का 100 घंटे से जारी आंदोलन, प्रशासन की चुप्पी पर बढ़ा असंतोष

The CSR Journal Magazine
JNU के स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। यह धरना अब 100 घंटे से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो किसी तरह की बातचीत की गई है और न ही समाधान की दिशा में कोई कार्रवाई की गई। छात्र 24×7 चिकित्सा सुविधा, स्वास्थ्य केंद्र का ऑडिट और CMO की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

स्थायी समाधान की मांग, प्रशासन चुप

जेएनयू के स्वास्थ्य केंद्र की खराब चिकित्सा व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं की कमी के खिलाफ ABVP ने पदयात्रा की। इस पर छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। लेकिन प्रशासन की चुप्पी विद्यार्थियों के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करती है। ABVP का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में सुधार करने की बजाय, अधिकारियों ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है।

CMO का इस्तीफा और ऑडिट की मांग

ABVP ने स्वास्थ्य केंद्र के CMO के इस्तीफे की मांग की है। संगठन ने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्र का पूरा मेडिकल, प्रशासनिक और वित्तीय ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव हो सके। ABVP का कहना है कि JNU में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होते हुए, स्वास्थ्य केंद्र को 24×7 सेवाएं देनी चाहिए ताकि किसी भी छात्र को आपात स्थिति में निगरानी की कमी का सामना न करना पड़े।

आंदोलन की अवधि बढ़ने के संकेत

ABVP के JNU अध्यक्ष मयंक पांचाल ने बताया कि धरने को 100 घंटे से अधिक हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। छात्रों की बेसिक हेल्थ सेवाओं पर आंदोलन करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने फिर से CMO के इस्तीफे और स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं के अनुरूप व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय की परिसर में शिक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत पर ध्यान

ABVP JNU द्वारा छात्रों के लिए एक विजिट का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिला। यह गतिविधि छात्रों को न केवल स्वास्थ्य मुद्दों के बारे में जागरूक करती है, बल्कि उन्हें कैंपस जीवन और विश्वविद्यालय की धरोहर से जोड़ने का प्रयास भी करती है।

भावी योजनाएं और सतत संघर्ष

ABVP के मंत्री प्रवीण के. पीयूष ने कहा कि धरने की अवधि इतनी लंबी होने के बावजूद प्रशासन की संवेदनहीनता खत्म नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, ABVP अपना आंदोलन जारी रखेगा। यह आंदोलन केवल स्वास्थ्य केंद्र के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों की सभी जरूरतों के प्रति आवाज उठाने का काम करेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos