दिल्ली में गैंगस्टरों और हाई रिस्क कैदियों पर कसेगा शिकंजा, दूसरे राज्यों की जेलों में भेजने की तैयारी

The CSR Journal Magazine
दिल्ली सरकार ने जेलों में बंद कुख्यात गैंगस्टरों और हाई रिस्क अंडरट्रायल कैदियों को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनहित को ध्यान में रखते हुए जरूरत पड़ने पर ऐसे कैदियों को दूसरे राज्यों की जेलों में ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके लिए दिल्ली में Transfer of Prisoners (Punjab Amendment) Act, 2025 को लागू करने की तैयारी है। इसके तहत दूसरे राज्य की जेल में कैदी को भेजने के लिए संबंधित राज्यों की सहमति या केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी का रास्ता अपनाया जा सकेगा।

अंडरट्रायल कैदियों के ट्रांसफर का रास्ता होगा साफ

सरकार के मुताबिक मौजूदा Transfer of Prisoners Act, 1950 में मुख्य रूप से दोषसिद्ध कैदियों के ट्रांसफर का प्रावधान था। अंडरट्रायल कैदी अदालत के रिमांड वारंट के आधार पर जेल में रहते हैं और उन्हें दूसरे राज्य की जेल में भेजने को लेकर स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं थी। इसी कमी को दूर करने के लिए पंजाब में 2025 में कानून में संशोधन किया गया था। इस संशोधन को 21 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। अब दिल्ली सरकार इसी संशोधित व्यवस्था को राजधानी में लागू करने की तैयारी कर रही है।

जेल के अंदर से अपराध रोकने पर फोकस

सरकार का कहना है कि कुछ कुख्यात गैंगस्टर जेल में रहने के बावजूद अपने आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश करते हैं। स्थानीय नेटवर्क और दूसरे गैंग के संपर्कों के जरिए जेल से ही आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का खतरा बना रहता है। ऐसे कैदियों को दिल्ली से बाहर की जेलों में भेजने से उनके स्थानीय नेटवर्क पर पकड़ कमजोर करने और गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे जेल के अंदर गैंगवार और बदले की कार्रवाई का खतरा भी घटेगा।

26 गैंग के 188 सदस्य चिन्हित

सरकार के अनुसार, मई 2026 में दिल्ली में 26 चिन्हित गैंग से जुड़े 188 सदस्यों की पहचान की गई थी। इनमें से 107 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया था। सरकार का मानना है कि संगठित अपराध से जुड़े हाई रिस्क कैदियों की गतिविधियों पर जेल के अंदर भी कड़ी निगरानी जरूरी है। दूसरे राज्यों में ट्रांसफर की व्यवस्था इसी रणनीति का हिस्सा होगी।

ट्रायल और कानूनी प्रक्रिया पर भी ध्यान

कैदियों के अंतरराज्यीय ट्रांसफर के दौरान न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों के तहत न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा Model Prison and Correctional Services Act, 2023 में भी एक राज्य से दूसरे राज्य की जेल में कैदियों को भेजने का प्रावधान है। इसमें अंडरट्रायल कैदियों के ट्रांसफर की व्यवस्था भी शामिल है और इसके लिए ट्रायल कोर्ट की सहमति जरूरी होती है।

जेलों में बढ़ेगी निगरानी

दिल्ली में संशोधित कानून लागू होने के बाद हाई रिस्क अंडरट्रायल कैदियों को दूसरे राज्यों की जेलों में भेजने के लिए कानूनी आधार मजबूत होगा। सरकार का लक्ष्य जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ जेल के अंदर से चलने वाले आपराधिक नेटवर्क पर रोक लगाना है। हालांकि हर मामले में संबंधित कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

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