Delhi Bus Safety Rules: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: बसों में पैनिक बटन अनिवार्य, सुरक्षा नियम सख्त!

The CSR Journal Magazine
दिल्ली में बसों से सफर करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को सुरक्षा और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। यह निर्देश दिल्ली में चलने वाली बसों के साथ दूसरे राज्यों से आकर दिल्ली में संचालित होने वाली बसों पर भी लागू होंगे। नए आदेश में बसों के सुरक्षा उपकरणों को हर समय चालू रखने, ड्राइवर-कंडक्टर के दस्तावेज और सत्यापन सुनिश्चित करने तथा बसों की फिटनेस और प्रदूषण मानकों की जांच पर जोर दिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि नियम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका जमीन पर पालन भी सुनिश्चित करना होगा।

महिला सुरक्षा पर खास जोर, स्टाफ को किया जाएगा संवेदनशील

Delhi Bus Safety Rules: दिल्ली सरकार ने महिला यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ और उत्पीड़न रोकने को लेकर बस ऑपरेटरों को विशेष निर्देश दिए हैं। ड्राइवर, कंडक्टर और बस के दूसरे कर्मचारियों को महिला यात्रियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने को कहा गया है। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि महिलाओं के साथ गलत व्यवहार के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। अगर बस में किसी महिला के साथ अभद्र व्यवहार, छेड़छाड़ या ईव-टीजिंग जैसी घटना होती है तो बस चालक और कंडक्टर की जिम्मेदारी होगी कि वे तुरंत पुलिस को सूचना दें और जरूरत पड़ने पर बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या PCR वैन तक ले जाएं।

पैनिक बटन और GPS हमेशा चालू रखना होगा

नए निर्देशों में बसों में लगे Vehicle Location Tracking Device (VLTD) और पैनिक बटन को हर समय चालू हालत में रखने को अनिवार्य किया गया है। यानी किसी आपात स्थिति में यात्री मदद मांग सके और संबंधित एजेंसियां बस की लोकेशन पता कर सकें। इसके अलावा बसों में फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट-एड किट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध और इस्तेमाल योग्य रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Delhi Bus Safety Rules: बसों में पर्दे और टिंटेड फिल्म पर रोक

महिला सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने बसों में पर्दे और अनधिकृत टिंटेड फिल्म पर भी रोक लगाई है। इसका उद्देश्य बस के अंदर की दृश्यता बनाए रखना है, ताकि बाहर से भी स्थिति पर नजर रखी जा सके और किसी आपात स्थिति में मदद पहुंचाना आसान हो। यह फैसला हाल में चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद यात्री सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उस मामले में बस के अंदर पर्दे और सुरक्षा व्यवस्था की कमियां भी जांच के दायरे में आईं।

ड्राइवर-कंडक्टर का वेरिफिकेशन अनिवार्य

परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि बस चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित यूनिफॉर्म और जहां लागू हो PSV बैज होना चाहिए। कंडक्टर के पास भी वैध कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफॉर्म और PSV बैज होना जरूरी है। ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर, अटेंडेंट और दूसरे स्टाफ को ड्यूटी पर लगाने से पहले उनका वेरिफिकेशन करना होगा। स्कूल बसों में जहां जरूरी हो, वहां अधिकृत अटेंडेंट की व्यवस्था भी करनी होगी।

फिटनेस और PUC के बिना नहीं चलेगी बस

हर बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट होना जरूरी है। बस तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट होनी चाहिए। इसके साथ ही सभी बसों को प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करना होगा और वैध PUC प्रमाणपत्र रखना होगा। सरकार ने बस ऑपरेटरों को यह भी निर्देश दिया है कि वाहन निर्धारित बस लेन और यातायात नियमों के अनुसार चलाए जाएं।

सड़क के बीच बस रोककर सवारी उतारना-चढ़ाना मना

यात्रियों को केवल निर्धारित बस स्टॉप या अधिकृत स्थानों पर ही चढ़ाया और उतारा जा सकेगा। सड़क के बीच, चौराहे या किसी असुरक्षित जगह पर बस रोकने पर रोक लगा दी गई है। इसका सीधा फायदा यात्रियों की सुरक्षा को मिल सकता है। खासकर महिलाओं के लिए सड़क के बीच या सुनसान जगहों पर बस रुकने की स्थिति कई तरह के जोखिम पैदा कर सकती है।

नियम तोड़े तो परमिट भी हो सकता है रद्द

Delhi Bus Safety Rules: परिवहन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, वाहन को डिटेन या जब्त करना और लाइसेंस या परमिट को निलंबित अथवा रद्द करना शामिल हो सकता है। सभी बस ऑपरेटरों को आदेश अपने ड्राइवरों और कर्मचारियों तक पहुंचाने और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

महिलाओं के सुरक्षित सफर पर अब नजर

दिल्ली सरकार के इस आदेश का सबसे बड़ा फोकस महिला और बाल सुरक्षा पर दिखाई देता है। पैनिक बटन और GPS को चालू रखने से लेकर पर्दे और टिंटेड फिल्म हटाने, स्टाफ के वेरिफिकेशन और महिला यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार पर तत्काल पुलिस सूचना तक कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश की गई है। अब असली चुनौती इन नियमों को जमीन पर लागू कराने की है। सरकार ने कार्रवाई की चेतावनी देकर साफ कर दिया है कि बस ऑपरेटरों की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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