चीन की DF-17 से JL-1 तक: बड़े खतरे में अमेरिका, जापान और भारत

The CSR Journal Magazine
बीजिंग में एक नई मिसाइल शक्ति का उदय हो रहा है। पिछले दो दशकों में चीन ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को बखूबी मजबूत किया है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) आज विश्व की सबसे बड़ी और विविध बैलिस्टिक मिसाइल सेनाओं में से एक है। इसके पास पारंपरिक और परमाणु-सक्षम मिसाइलों का एक विशाल भंडार है।

जापान और अमेरिका की चिंता

चीन की बढ़ती सैन्य शक्तियों के कारण भारत, जापान और अमेरिका जैसे देशों की चिंता बढ़ गई है। चीन की क्षेत्रीय मिसाइलें उसे अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ एक रणनीतिक बढ़त देती हैं। इन मिसाइलों में DF-17 जैसे मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं, जो ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंच सकती हैं।

कम से मध्यम रेंज की मिसाइलें

चीन के पास DF-11, DF-15 और DF-16 जैसे कई प्रकार की कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इनकी रेंज 1,000 किलोमीटर तक पहुँचती है। खासतौर पर ये मिसाइलें ताइवान और जापानी द्वीपों पर खतरा पैदा करती हैं। DF-11A, जिसे 1992 में PLARF में शामिल किया गया था, अपनी सटीकता और तेजी के लिए जानी जाती है।

मध्यम रेंज की ताकत

चीन ने पिछले दशक में अपनी मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल फोर्स को भी आधुनिक बनाने में बड़ी रकम निवेश की है। DF-17 और DF-21 जैसी मिसाइलें इसे समुद्री और हवाई सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बनाती हैं। उदाहरण के लिए, DF-17 को हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे उसकी पहुंच और भी विस्तृत हो जाती है।

ऊँची रेंज की मिसाइलों की मौजूदगी

चीन की DF-26 और DF-27 मिसाइलें भी महत्वपूर्ण हैं। DF-27 की रेंज 5,000 से 8,000 किलोमीटर तक है, जो इसे अंतरमहाद्वीपीय श्रेणी में रखती है। ऐसे में यह भारतीय और अमेरिकी सुरक्षा के लिए नई चुनौती पेश कर सकती है।

हवा से लॉन्च होने वाली मिसाइलें

China’s missile inventory includes air-launched ballistic missiles (ALBMs) like JL-1, which can be launched from modified H-6N bombers. The JL-1 is believed to have a range of up to 8,000 kilometers, enhancing China’s deterrence capabilities.

चालाकी से छिपे हुए जानकारी

चीन के मिसाइल भंडार की सही जानकारी पाना एक चुनौती है। अमेरिका के पेंटागन के अनुसार, PLARF के पास लगभग 200 SRBM लॉन्चर और 300 MRBM लॉन्चर मौजूद हैं। यह अनुमान लगाया जाता है कि चीन ने अपनी मिसाइल सेनाओं को विकसित करके पारंपरिक और परमाणु हमलों के बीच के अंतर को धोंधला कर दिया है।

भविष्य की रणनीतियाँ

मिसाइलों की बढ़ती संख्या और उनकी विविधता से यह स्पष्ट होता है कि चीन अपनी सैन्य रणनीति में लगातार बदलाव कर रहा है। ताइवान और दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में उसके इरादों को समझना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में, इन मिसाइलों की भूमिका भविष्य में और भी बढ़ सकती है।

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