‘SIR में नाम कटने से नहीं रोक सकते’, बॉम्बे हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

The CSR Journal Magazine

बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश और मतदाता चिंताएँ

महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं दी है। अदालत ने इस प्रक्रिया पर कोई अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। यह निर्णय वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) की ओर से दायर याचिका पर आया है, जिसमें मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर गंभीर चिंताएँ उठाई गई थीं। Yahan, याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि घर-घर जाकर वेरिफिकेशन के दौरान नियमों की अनदेखी की गई है।

कोर्ट की सुनवाई और चुनाव आयोग का विरोध

सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील आशुतोष कुंभकोणी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने अंतरिम निर्देशों का हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की व्यापक सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। 8 अक्टूबर को इस पर आगे की सुनवाई होगी। इस पर याचिकाकर्ता के वकील प्रकाश अंबेडकर ने संज्ञान लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल बिहार चुनाव से जुड़ा था। वह चाहते थे कि महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए एक स्थायी आदेश दिया जाए कि उनके नाम न काटे जाएं।

समानांतर सुनवाई पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने समानांतर कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत पहले ही इस मामले पर विचार कर रही है, तो हाईकोर्ट के लिए इस पर कोई आदेश देना उचित नहीं होगा। अदालत ने कहा कि इस मामले में जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 8 अक्टूबर की तारीख नजदीक है। इसके बावजूद, चुनाव आयोग की अपील पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई को तीन हफ्तों के लिए टालते हुए अब इसकी अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय की है।

सक्रिय मतदाता की चिंताएं

याचिकाकर्ताओं की मुख्य चिंता यह है कि अगर नामों के कटने का यह सिलसिला नहीं रुका, तो आगामी चुनावों में कई वैध मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। इस स्थिति ने मतदाताओं के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है और वे इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। ऐसे में देखना ये होगा कि 12 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में क्या नया मोड़ आता है। इस मुद्दे से जुड़े कई लोगों का मानना है कि अगर वैध वोटरों के नाम पूरी तरह से काट दिए गए, तो इसके गंभीर राजनीतिक और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos