CAG Report on Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana)’ अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। विधानसभा के मानसून सत्र में पेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितताओं और पात्रता जांच में बड़ी खामियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के तहत लाखों अपात्र लोगों को सरकारी सहायता दी गई, जबकि सत्यापन अभियान के बाद 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए।
CAG Report on Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: CAG ने उठाए खर्च पर सवाल
CAG की रिपोर्ट के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना पर निर्धारित बजट से अधिक खर्च करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया। योजना के लिए 29,693.09 करोड़ रुपये का अधिकृत बजट स्वीकृत था, लेकिन सरकार ने 33,273.24 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। यानी करीब 3,541.16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय हुआ। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राजकोष से बड़ी मात्रा में धनराशि पहले ही निकाल ली गई, जबकि तत्काल उसकी आवश्यकता नहीं थी। ऑडिट में बजट अनुमान, व्यय प्रबंधन और वित्तीय नियंत्रण में गंभीर कमियां बताई गई हैं।
सत्यापन में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
राज्य सरकार के सत्यापन अभियान में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी सामने आए जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 16 लाख महिलाओं के परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक पाई गई। 4.42 लाख लाभार्थी ऐसे परिवारों से जुड़े थे जिनमें कोई सदस्य सरकारी नौकरी में था, जबकि करीब 12 हजार सरकारी कर्मचारी स्वयं योजना का लाभ ले रहे थे। इसके अलावा 1.80 लाख महिलाओं के नाम पर चारपहिया वाहन दर्ज मिले, जबकि योजना के नियम ऐसे लाभार्थियों को अनुमति नहीं देते। करीब 1.80 लाख लाभार्थियों की आयु 65 वर्ष से अधिक पाई गई और 3.60 लाख महिलाएं पहले से संजय गांधी निराधार योजना का लाभ ले रही थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि करीब 29 हजार पुरुषों के नाम भी लाभार्थियों की सूची में दर्ज पाए गए।
e-KYC से पहले हजारों करोड़ रुपये का भुगतान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाभार्थियों का पूर्ण सत्यापन और e-KYC पूरा होने से पहले ही बड़ी संख्या में खातों में राशि भेज दी गई। कुछ अपात्र लाभार्थियों को 5 से 6 किस्तें, कुछ को 10 से 12 किस्तें और कुछ को 15 किस्तों तक का भुगतान हो चुका था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि e-KYC प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही लगभग 14 हजार करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके थे।
CAG Report on Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: क्या है योजना और पात्रता?
28 जून 2024 को शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना का लाभ 21 से 65 वर्ष की पात्र महिलाओं को दिया जाता है। सरकारी कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्य, चारपहिया वाहन रखने वाले, 2.5 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार और अन्य पात्रता शर्तों का उल्लंघन करने वाले लोग योजना के लिए योग्य नहीं हैं।
CAG Report on Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: विपक्ष ने मांगा श्वेत पत्र
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने पूरे मामले पर सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि लाखों अपात्र लोगों को महीनों तक योजना का लाभ मिलता रहा, तो सरकार बताए कि सत्यापन प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। उन्होंने पूरे मामले पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
वहीं सरकार का कहना है कि राज्यव्यापी सत्यापन अभियान का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है और अपात्र लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है।
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