नेपाल के PM बालेन्द्र शाह की नवंबर में भारत यात्रा की तैयारी तेज, रेल-ऊर्जा से बाढ़ पुनर्निर्माण तक कई मुद्दे एजेंडे में

The CSR Journal Magazine
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, शाह 23 से 25 नवंबर 2026 के बीच भारत आ सकते हैं। हालांकि इन तारीखों और अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। भारत ने जुलाई में ही नेपाली प्रधानमंत्री को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। शाह की अमेरिका की मौजूदा यात्रा प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। ऐसे में भारत का दौरा उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच इस दौरे में आर्थिक और विकास से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर खास जोर रहने की संभावना है।

रेल कनेक्टिविटी पर हो सकती है अहम बातचीत

भारत और नेपाल के बीच रेल संपर्क लंबे समय से सहयोग का प्रमुख क्षेत्र रहा है। जून 2026 में दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में रक्सौल-काठमांडू ब्रॉडगेज रेल लिंक की फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा हुई थी। इसी बैठक में जनकपुर-अयोध्या यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए SOP और दूसरे क्रॉस-बॉर्डर रेल प्रोजेक्ट्स पर भी बातचीत हुई। रक्सौल-काठमांडू रेल लिंक करीब 136 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित प्रोजेक्ट है। इसका मकसद भारत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। शाह की भारत यात्रा के दौरान इस परियोजना की आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई घोषणा होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

1,200 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं भी अहम

ऊर्जा क्षेत्र भी प्रस्तावित दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। भारत की सरकारी कंपनी NHPC नेपाल में वेस्ट सेती और सेती नदी-6 जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ी है। NHPC के मौजूदा रिकॉर्ड के मुताबिक वेस्ट सेती परियोजना की क्षमता 800 मेगावाट और सेती नदी-6 की क्षमता 460 मेगावाट है। दोनों की कुल क्षमता 1,260 मेगावाट बैठती है। इन परियोजनाओं से जुड़े विकास, बिजली व्यापार और सीमा पार ऊर्जा सहयोग पर आगे चर्चा की संभावना है। 2022 में NHPC और PTC India के बीच इन परियोजनाओं से बनने वाली बिजली की बिक्री को लेकर समझौता भी हुआ था।

बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और कनेक्टिविटी पर भी नजर

नेपाल में हालिया बाढ़ से हुए नुकसान के बाद पुनर्निर्माण और आपदा प्रबंधन सहयोग भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर संवेदना जताई थी और भारत की एकजुटता व्यक्त की थी। इसके अलावा व्यापार और सीमा कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट, नए ट्रांसमिशन लिंक, बिजली व्यापार और हरित ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना भी संभावित एजेंडे में शामिल माना जा रहा है।

बालेन्द्र शाह के दौरे पर क्यों है नजर?

शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नेपाल और भारत के बीच आर्थिक, ऊर्जा और कनेक्टिविटी सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। हाल ही में नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले की भारत यात्रा के दौरान भी आर्थिक, ऊर्जा और कनेक्टिविटी सहयोग पर चर्चा हुई थी। भारतीय अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत को शाह की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों से भी जोड़कर देखा गया है। 23 से 25 नवंबर की संभावित तारीखें 24 नवंबर को पड़ने वाली गुरु नानक जयंती के आसपास हैं। हालांकि दौरे की अंतिम तारीख, कार्यक्रम और संभावित समझौतों की सूची दोनों सरकारों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। भारत और नेपाल के बीच करीबियों और साझा हितों को देखते हुए इस यात्रा में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रेल और व्यापार से जुड़े व्यावहारिक सहयोग पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।

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