Amritsar Jamnagar Expressway: 13 घंटे में पूरी होगी यात्रा, 1316 KM लंबा एक्सप्रेसवे जुड़ने जा रहा है 4 राज्यों से

The CSR Journal Magazine
Amritsar Jamnagar Expressway: भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सड़कें और एक्सप्रेसवे लोगों की जिंदगी को आसान बना रहे हैं। एक नया एक्सप्रेसवे, जो 1316 किलोमीटर लंबा है, अमृतसर से जामनगर के बीच यात्रा को महज 13 घंटे में पूरा करेगा। पहले, इसी सफर में लगभग 26 घंटे लगते थे। यह अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे उत्तर भारत से पश्चिमी तट तक का सफर आसान बनाने का वादा करता है।

Amritsar Jamnagar Expressway: आर्थिक कॉरिडोर: विकास के नए द्वार

यह एक्सप्रेसवे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को जोड़कर आर्थिक गलियारा बनाने का काम करेगा। इसके निर्माण का खर्च करीब 80 हजार करोड़ रुपए है। यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें कई बड़े शहर और औद्योगिक क्षेत्रों का कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। यह सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि व्यापार व माल ढुलाई की गति को भी तेज करेगा।

सड़क यात्रा का नया अनुभव

अभी अमृतसर से जामनगर की दूरी लगभग 1430 किलोमीटर है। पुराने रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव और कई जगह दो लेन की सड़कों की वजह से यात्रा लंबी हो जाती है। नए एक्सप्रेसवे से यात्रा की लंबाई 1316 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रा का समय लगभग 13 घंटे तक आ जाएगा। इससे सफर करने का अनुभव भी पूरी तरह बदल जाएगा।

चार राज्यों के विकास में अहम भूमिका

इस एक्सप्रेसवे का असर कई प्रमुख शहरों पर पड़ेगा। पंजाब में अमृतसर, कपूरथला, मोगा, फरीदकोट और भठिंडा को फायदा होगा। हरियाणा के मंडी डबवाली और चौटाला क्षेत्र इसे सशक्त बनाएंगे। राजस्थान में हनुमानगढ़, सूरतगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर जैसे क्षेत्र भी इस कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे। गुजरात में संतलपुर, राधनपुर, सामख्याली, मालिया और जामनगर भी इसमें शामिल होंगे।

राजस्थान के लिए बढ़ती सड़कें

यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसमें लगभग 637 किलोमीटर का हिस्सा है। हनुमानगढ़ से जालोर तक का हिस्सा पूरी तरह खुल चुका है। इससे राजस्थान में लंबी दूरी की आवाजाही को भी राहत मिलेगी। वर्तमान में प्रोजेक्ट का 85 से 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

Amritsar Jamnagar Expressway: जल्दी होगा पूरा कॉरिडोर

फिलहाल, प्रोजेक्ट के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग का काम चल रहा है। विशेष रूप से पंजाब और गुजरात के हिस्सों पर तेजी से काम हो रहा है। इस कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक खोले जाने की योजना है। अंतिम समयसीमा निर्माण कार्य पर निर्भर करेगी।

बढ़ती व्यापारिक कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे केवल यात्रियों के लिए ही लाभकारी नहीं होगा, बल्कि व्यापार और माल ढुलाई के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट साबित होगा। पंजाब का कृषि क्षेत्र गुजरात के औद्योगिक तंत्र से तेजी से जुड़ सकेगा। इससे कृषि उत्पादों और अन्य सामान को पश्चिमी तट तक पहुँचाने में समय की बचत होगी।

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