ACE CSR: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांगजनों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही से लेकर रोजगार और शिक्षा तक पहुंच कई बार बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी चुनौती को कम करने की दिशा में ACE-Action Construction Equipment Ltd. ने फरीदाबाद में 50 दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक तीन पहिया स्कूटर वितरित किए। करीब 48 लाख रुपये मूल्य के इन स्कूटरों का वितरण कंपनी की CSR पहल ACE Emergency Response Service Trust के तहत किया गया। फरीदाबाद के रुद्र बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ACE के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विजय अग्रवाल ने की।
ACE CSR: सिर्फ वाहन नहीं, अवसरों तक पहुंच का साधन
ACE का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने के लिए mobility का साधन उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक स्कूटर मिलने से लाभार्थियों को नौकरी, शिक्षा, कारोबार और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, आवाजाही की बेहतर सुविधा दिव्यांगजनों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में स्वतंत्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकती है, जो परिवहन की कमी के कारण मुश्किल हो जाते हैं।
‘आत्मनिर्भरता और गरिमा से जुड़ी है Mobility’
ACE के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विजय अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का मानना है कि कारोबार का प्रभाव केवल आर्थिक मूल्य बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में नए अवसर पैदा करने तक भी पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि mobility का सीधा संबंध स्वतंत्रता, गरिमा और अपने सपनों को पूरा करने की क्षमता से है। कंपनी का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को ऐसा भरोसेमंद साधन उपलब्ध कराया जाए, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में वास्तविक बदलाव ला सके।
2013 से स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सक्रिय ACE CSR
ACE का CSR कार्यक्रम केवल दिव्यांगजनों के लिए mobility तक सीमित नहीं है। कंपनी के अनुसार, ACE Emergency Response Service Trust की स्थापना वर्ष 2013 में की गई थी। ट्रस्ट फरीदाबाद और पलवल में 24 घंटे और सातों दिन मुफ्त आपातकालीन सेवा संचालित करता है। इस सेवा के तहत आपातकालीन चिकित्सा वाहन, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
25 लाख लोगों तक पहुंची स्वास्थ्य पहल
कंपनी ने पलवल और NIT फरीदाबाद में दो पैथोलॉजी लैब भी स्थापित की हैं। यहां जरूरी जांच बाजार की कीमतों की तुलना में 80 प्रतिशत तक कम दरों पर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। ACE के मुताबिक, इन स्वास्थ्य पहलों से क्षेत्र के करीब 25 लाख लोगों को लाभ मिला है। कंपनी का कहना है कि पिछले वर्षों में उसका CSR कार्यक्रम एक औद्योगिक समूह की स्थानीय पहल से आगे बढ़कर लगातार चलने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का रूप ले चुका है।
CSR का फोकस: सहायता से आगे सशक्तिकरण
50 इलेक्ट्रिक स्कूटरों का वितरण ACE की CSR रणनीति में एक अलग पहल के रूप में सामने आया है। इसका केंद्र केवल संसाधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को अपनी शिक्षा, रोजगार, कारोबार और अन्य आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा स्वतंत्रता देना है। ऐसे में यह पहल “सहायता” से आगे “सशक्तिकरण” के मॉडल पर केंद्रित दिखाई देती है, जहां एक बार उपलब्ध कराया गया mobility साधन लाभार्थियों के लिए लंबे समय तक अवसरों तक पहुंच का माध्यम बन सकता है।
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