BEST बस में यात्री को अचानक पड़े दौरे, चालक ने अस्पताल की ओर मोड़ी बस; 46 वर्षीय यात्री की मौत

The CSR Journal Magazine

मुंबई में मानवीय पहल की मिसाल, BEST बस में 46 वर्षीय यात्री को अचानक पड़े दौरे, चालक ने अस्पताल पहुंचाने के लिए बदला रास्ता; नायर अस्पताल में मौत

मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी एक घटना में BEST बस के चालक और परिचालक ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक बीमार यात्री को समय रहते अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार, 5 सितंबर की शाम करीब 7:45 बजे भुलाभाई देसाई रोड यानी वॉर्डन रोड पर टाटा गार्डन के पास ब्रिच कैंडी से बायकुला जा रही BEST बस में 46 वर्षीय यात्री को अचानक दौरे पड़ गए। कुछ ही देर में उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। स्थिति को देखते हुए चालक ने बस का मार्ग बदलकर उसे सीधे नायर अस्पताल की ओर मोड़ दिया।

टाटा गार्डन के पास बिगड़ी यात्री की हालत

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना शनिवार शाम करीब 7:45 बजे हुई। BEST की बस मार्ग संख्या A-77/33 ब्रिच कैंडी से भायखला की ओर जा रही थी और टाटा गार्डन, वॉर्डन रोड के पास पहुंची थी। इसी दौरान बस में मौजूद यात्रियों के बीच अचानक अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई। यात्री मृत्युंजय नायक, उम्र 46 वर्ष, को दौरे पड़ने लगे थे। बस में मौजूद यात्रियों ने तत्काल परिचालक दादासाहेब बरकड़े को इसकी जानकारी दी। बरकड़े ने यात्री की स्थिति की जांच की और पाया कि वह प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। इसके बाद उन्होंने तत्काल चालक प्रशांत सकपाले को स्थिति से अवगत कराया।

चालक ने तुरंत बदला बस का रास्ता

मामले की गंभीरता को समझते हुए चालक प्रशांत सकपाले ने बस को उसके निर्धारित मार्ग पर आगे ले जाने के बजाय अस्पताल की ओर मोड़ने का फैसला किया। यात्रियों ने भी इस निर्णय में सहयोग किया और बस को नायर अस्पताल, मुंबई सेंट्रल ले जाने की अनुमति दी। इस तरह भीड़भाड़ वाले दक्षिण मुंबई क्षेत्र में चालक ने सामान्य यात्रा को रोककर मेडिकल आपातस्थिति को प्राथमिकता दी। BEST के अनुसार, परिचालक बरकड़े को हाल में चालक-परिचालकों के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत CPR और जीवन बचाने के अन्य प्राथमिक उपायों का प्रशिक्षण भी मिला था। उन्होंने इसी प्रशिक्षण के आधार पर यात्री की स्थिति को तत्काल समझने और मदद करने की कोशिश की।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ चुकी थी हालत

बस नायर अस्पताल पहुंची, लेकिन यात्री की स्थिति बेहद गंभीर थी। BEST अधिकारी के अनुसार, यात्री अस्पताल पहुंचने तक भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन रात करीब 8:30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसका अर्थ यह है कि बस में आपातस्थिति सामने आने और अस्पताल पहुंचने के बाद यात्री को मृत घोषित किए जाने के बीच लगभग 45 मिनट का समय रहा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि मृत्यु का अंतिम चिकित्सकीय कारण क्या था।

रेलवे स्टेशन जा रहा था यात्री

रिपोर्ट के अनुसार, मृत्युंजय नायक पेशे से चालक था और घटना के समय रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। वहां से उसे स्थानीय ट्रेन पकड़कर बदलापुर जाना था, जहां वह रहता था। नायक के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह काफी स्वस्थ और फिट था तथा परिवार को उसके किसी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या से पीड़ित होने की जानकारी नहीं थी। अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है।

बस की पहचान भी सामने आई

घटना में शामिल BEST बस का पंजीकरण नंबर MH-03-CV-5797 बताया गया है। यह बस मुंबई सेंट्रल डिपो डिवीजन से संचालित होती है और रिपोर्ट के मुताबिक इसका संचालन एसएमटीएटीपीएल (SMTATPL) नामक वेट-लीज कंपनी के माध्यम से किया जा रहा था।

पुलिस ने दर्ज की आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट

यात्री की मौत के बाद गामदेवी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बस के चालक प्रशांत सकपाले और परिचालक दादासाहेब बरकड़े के बयान दर्ज किए और आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (Accidental Death Report) दर्ज की। मृत्युंजय नायक का शव अस्पताल के शवगृह में रखा गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानी है। पोस्टमार्टम तथा पुलिस की आगे की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण के बारे में अधिक स्पष्टता सामने आएगी।

सड़क हादसा नहीं, फिलहाल चिकित्सकीय आपातस्थिति माना गया

BEST के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यात्री की मौत बस की आवाजाही या किसी सड़क दुर्घटना के कारण हुई। घटना को फिलहाल चिकित्सकीय आपातस्थिति के तौर पर दर्ज किया गया है। इसलिए इस घटना को बस दुर्घटना के रूप में देखना सही नहीं होगा। यात्री को बस के भीतर अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई थी और चालक तथा परिचालक ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की थी। मौत का अंतिम कारण चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम से ही निर्धारित होगा।

चालक और परिचालक के प्रयास की सराहना

BEST समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने चालक और परिचालक द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्री की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन संकट की स्थिति में चालक और परिचालक ने बस को अस्पताल की ओर मोड़कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई जैसे महानगर में रोजाना हजारों लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। बसों में अचानक किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में चालक और परिचालक की तत्काल प्रतिक्रिया कई बार जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है।

चालक-परिचालकों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण की जरूरत

इस घटना ने मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। बस में अचानक किसी यात्री को दौरा पड़ने, बेहोशी, हृदयाघात या सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। BEST द्वारा चालक और परिचालकों को CPR तथा जीवन बचाने के प्राथमिक उपायों का प्रशिक्षण दिया जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। हालांकि इस मामले में प्रशिक्षण और तत्काल निर्णय के बावजूद यात्री की जान नहीं बच सकी, लेकिन परिचालक द्वारा स्थिति को पहचानना और चालक द्वारा अस्पताल की ओर बस मोड़ना आपातस्थिति से निपटने की एक जिम्मेदार कोशिश के रूप में सामने आया है।

यात्रियों की भूमिका भी रही महत्वपूर्ण

इस घटना में बस में सवार अन्य यात्रियों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने परिचालक को यात्री की हालत के बारे में बताया और जब चालक ने बस को अस्पताल की ओर मोड़ने का निर्णय लिया, तब यात्रियों ने उसका विरोध करने के बजाय सहयोग किया। सार्वजनिक परिवहन में आपातस्थिति के दौरान यात्रियों का संयम और सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यदि ऐसी स्थिति में लोग चालक या परिचालक पर सामान्य मार्ग पर बस चलाने का दबाव डालें, तो अस्पताल तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। इस मामले में यात्रियों ने मेडिकल इमरजेंसी को प्राथमिकता देने में सहयोग किया।

मौत दुखद, लेकिन बचाने की कोशिश बनी मिसाल

मृत्युंजय नायक की अचानक मौत निश्चित रूप से परिवार और साथी यात्रियों के लिए बेहद दुखद घटना है। 46 वर्ष की उम्र में एक स्वस्थ व्यक्ति की इस तरह अचानक जान चले जाना कई सवाल भी छोड़ता है। हालांकि मौत के कारण को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बस चालक, परिचालक और यात्रियों ने स्थिति को गंभीरता से लिया, तत्काल कदम उठाया और यात्री को नायर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। पुलिस की आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही घटना की चिकित्सकीय तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin& pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos