नेपाल के PM बालेंद्र शाह जल्द आएंगे भारत? विदेश मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

The CSR Journal Magazine

नेपाल और भारत की विशेष प्राथमिकता

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का भारत दौरा ‘अर्थपूर्ण’ और ‘नतीजे देने वाला’ होगा। अभी तक प्रधानमंत्री ने भारत का दौरा नहीं किया है। इस दौरे के लिए समय तय नहीं हो सका है, लेकिन दोनों देशों ने इसे लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। खनाल ने ये बातें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाग लेने के बाद त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कही।

दौरे की तैयारी पर जोर

विदेश मंत्री ने बताया कि नेपाल और भारत दोनों ही इस दौरे का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि यह दौरा न केवल ‘नतीजे देने वाला’ होगा, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। खनाल ने कहा, “जैसा कि हमने पहले कहा है, नई सरकार बनने के तुरंत बाद पीएम को भारत यात्रा का निमंत्रण मिला और हमें इसका इंतज़ार है।”

भारत दौरे की तिथि तय नहीं

हालांकि अभी तक इस दौरे की तिथि निश्चित नहीं हुई है, लेकिन खनाल ने कहा कि जैसे ही यह तय होगा, नेपाल सरकार इसके लिए तैयारियां करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार बनने के समय ही यह तय हो गया था कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा प्राथमिकता के आधार पर होगी। दोनों पड़ोसी देशों की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।

बालेन्द्र शाह की पहली विदेश यात्रा

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हाल ही में अमेरिका की यात्रा की। यह उनकी नई सरकार के गठन के बाद की पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी। उनका न्यूयॉर्क में भाषण काफी चर्चा में रहा, जहां उन्होंने जलवायु परिवर्तन और पहाड़ी समुदायों पर आपदाओं के प्रभावों का मुद्दा उठाया। खनाल ने इस बात को रेखांकित किया कि शाह के संबोधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल का ध्यान आकर्षित किया।

जलवायु परिवर्तन पर गंभीरता से विचार

24 सितंबर को न्यूयॉर्क में आयोजित सभा में बालेन्द्र शाह ने जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थितियों में, युद्ध के लिए हर चीज़ की सप्लाई सही होती है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के लिए व्यवस्था में कमी है। उन्होंने अन्य देशों के नाम लेते हुए बताया कि यह केवल नेपाल की समस्या नहीं है, बल्कि बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, पाकिस्तान एवं श्रीलंका की भी चिंता है।

विनाशकारी बाढ़ का जिक्र

प्रधानमंत्री ने पिछले महीने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का भी जिक्र करते हुए जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ‘जलवायु न्याय’ की मांग की। उन्होंने कहा कि नेपाल का जलवायु परिवर्तन में योगदान न के बराबर है, फिर भी इसे इस मुद्दे की गंभीरता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। नेपाल के लिए यह समय नए सिरे से योजनाएं बनाने का है, ताकि आने वाले समय में प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कम किया जा सके।

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