UN ने बदला दुनिया का नक्शा, भारत पर क्या असर होगा; अमेरिका ने क्यों किया विरोध?

The CSR Journal Magazine
संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी दी है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ेगा। इस पहल का नाम “Correct the Map” है, जिसका उद्देश्य दुनिया के नक्शों में देशों और महाद्वीपों के क्षेत्रफल को वास्तविक अनुपात में दिखाना है। 4 सितंबर को, UN महासभा ने इस प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों के वोट प्राप्त किए, जबकि अमेरिका ने अकेले ही इसका विरोध किया।

सरकारी समर्थन और अमेरिका की आपत्ति

भारत ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया है। भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव केवल एक विशेष मैप प्रोजेक्शन का समर्थन नहीं है, बल्कि यह सभी प्रकार के मैप प्रोजेक्शन का सम्मान करता है। भारत का कहना है कि नक्शों का उपयोग अलग-अलग जरूरतों के लिए किया जाता है। हालांकि, अमेरिका ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि UN को अन्य गंभीर वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

क्या है इक्वल अर्थ नक्शा?

नई इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन का विकास 2018 में कार्टोग्राफरों द्वारा किया गया था। इस नक्शे की खासियत है कि यह देशों और महाद्वीपों के आकार को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के अनुपात में प्रस्तुत करता है। अमेरिकी मर्केटर नक्शे की तुलना में यह अधिक सटीकता लाता है। मर्केटर नक्शा, जो जहाजों के लिए बहुत उपयोगी है, भूमध्य रेखा के पास स्थित देशों का आकार गलत ढंग से बढ़ा देता है।

भारत के नक्शे पर क्या होगा असर?

भारत का वास्तविक क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाएं नहीं बदलेंगी। हालांकि, नए नक्शों में भारत का आकार अधिक सटीकता से दिखाई देगा। मर्केटर प्रोजेक्शन की वजह से भारत का आकार बड़ा दिखता है, जबकि वास्तव में यह आकार की दृष्टि से उत्तरी देशों की तुलना में कम विकृत होता है।

अफ्रीका पर सबसे बड़ा बदलाव

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा असर अफ्रीका के देशों पर देखने को मिलेगा। पुराने मर्केटर नक्शे में अफ्रीका का आकार छोटा नजर आता है, जबकि वास्तविकता में यह बहुत बड़ा है। इक्वल अर्थ नक्शे से अफ्रीका का वास्तविक आकार स्पष्ट रूप से सामने आएगा।

क्या गूगल मैप और स्कूलों के नक्शे बदलेंगे?

फिलहाल, इस प्रस्ताव का असर तुरंत नहीं देखने को मिलेगा। यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, इसलिए स्कूलों और डिजिटल मैपिंग कंपनियों को इसे अपनाने में समय लगेगा। UN के अनुसार, विभिन्न उद्देश्यों के लिए अलग-अलग मैप प्रोजेक्शन का उपयोग किया जाएगा।

दुनिया के नक्शे में वैकल्पिक दृष्टिकोण

UN का प्रस्ताव कई सवालों के जवाब देता है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि हर जगह पुराने नक्शों को तुरंत बदला जाएगा। विभिन्न जरूरतों के अनुसार अलग-अलग प्रकार के नक्शों का उपयोग किया जाता रहेगा। इसलिए, आने वाले समय में नक्शों का इस्तेमाल एक नई दिशा में जा सकता है।

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