Invest Maharashtra: निवेशक सिर्फ पैसा लेकर आए, बाकी सुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार की – सीएम देवेंद्र फडणवीस

The CSR Journal Magazine
Invest Maharashtra: महाराष्ट्र को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े निवेश केंद्रों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार ने ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ की शुरुआत की है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार निवेशकों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधाएं और सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निवेशक जब किसी प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र में लगाने का फैसला करे, उसके बाद जमीन, बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, मंजूरी और कुशल कर्मचारियों जैसी जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

Invest Maharashtra: 67 MoU से 8.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश

‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ की शुरुआत के मौके पर 67 प्रस्तावित समझौता ज्ञापनों (MoU) का पोर्टफोलियो तैयार किया गया है। इनसे 8.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश और 3 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन निवेश प्रस्तावों में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, अक्षय ऊर्जा, आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, डिफेंस, हेल्थकेयर और कृषि प्रसंस्करण जैसे भविष्य से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ की पहचान ‘मेड फॉर बिजनेस’ के तौर पर होगी। उनका कहना था कि जब कोई निवेशक किसी अधिकारी से संपर्क करे या किसी फैसले की उम्मीद करे, तो सरकार को उसके समय की कीमत समझनी होगी। किसी समस्या की जिम्मेदारी लेकर उसका समाधान करना और प्रोजेक्ट के विस्तार तक निवेशक के साथ खड़े रहना ही इस पहल का असली मकसद है।

Invest Maharashtra: बड़े उद्योगों के साथ छोटे कारोबार को भी फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश का फायदा सिर्फ बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका लाभ स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों, सप्लायर्स, युवाओं और किसानों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने बड़े उद्योगों से अपील की कि वे स्थानीय कंपनियों को अपनी सप्लाई चेन में मौका दें। साथ ही युवाओं को उद्योगों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षण देने के लिए शैक्षणिक और कौशल संस्थानों के साथ मिलकर काम करें।

महाराष्ट्र को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

सरकार ने 2030 तक महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसका मतलब सिर्फ बड़े निवेश नहीं, बल्कि ज्यादा उत्पादक उद्योग, लोगों की बढ़ती आय, मजबूत जिले और युवाओं के लिए महाराष्ट्र में ही बेहतर भविष्य के अवसर तैयार करना है। सरकार शिक्षा शहर, मेडिसिटी और एआई-इनोवेशन सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रिसर्च और तकनीक को एक साथ जोड़ने पर भी काम कर रही है।

उद्योग मंत्री बोले- निवेशकों को हरसंभव मदद मिलेगी

उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने कहा कि ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ से राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की जिम्मेदारी है कि निवेशकों को जरूरी सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सामंत के मुताबिक, उद्योगपतियों की समस्याओं को दूर करने के लिए ‘मैत्री’ के जरिए आसान और सहयोग वाली व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की औद्योगिक ताकत सिर्फ राज्य के लिए नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Invest Maharashtra: निवेशकों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर सुविधाएं

उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी. अन्बळगन ने कहा कि महाराष्ट्र की आर्थिक क्षमता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ राज्य की प्रमुख निवेश प्रोत्साहन और सुविधा देने वाली संस्था के रूप में काम करेगी। अन्बलगन के मुताबिक, निवेशकों को स्पष्ट जानकारी, तेज काम और बेहतर प्रशासन का भरोसा देने के साथ-साथ अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच तालमेल बनाया जाएगा। निवेश आकर्षित करने, निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और महाराष्ट्र की वैश्विक पहचान मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने, निवेशकों की मदद, वैश्विक साझेदारी, रिसर्च और निवेशक संबंधों से जुड़े कामों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश होगी। GCC, जेम्स एंड ज्वेलरी, एनीमेशन-विजुअल इफेक्ट्स-गेमिंग, बायोप्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्रों पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।

पूरे महाराष्ट्र में निवेश पहुंचाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, नासिक, जलगांव, धुले, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, पुणे, अहिल्यानगर, रत्नागिरी, पालघर और मुंबई महानगर क्षेत्र समेत राज्य के कई हिस्सों में निवेश प्रस्ताव आए हैं। इससे सरकार का फोकस सिर्फ मुंबई और कुछ बड़े शहरों तक सीमित न रहकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी है। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से कम बारिश वाले इलाकों में जलसंधारण, बेहतर सिंचाई और गंदे पानी के दोबारा इस्तेमाल जैसी पहलों में भी सहयोग करने की अपील की। उनका कहना है कि उद्योगों की तरक्की के साथ समाज और किसानों की जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
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