Gorakhpur: कुत्ते ने काटा, उसी गाय के दूध से बना चरणामृत, UP में 450 लोगों को लगी वैक्सीन

The CSR Journal Magazine
गोरखपुर के गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव में दुर्गा पूजा के दौरान गाय के दूध से बना चरणामृत पीने वाले 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। यह मामला तब सामने आया जब एक आवारा कुत्ते ने गाय को काट लिया। गाय की मौत के बाद गांव में रेबीज की आशंका बढ़ गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई की।
गाय के दूध से चरणामृत बनाने के बाद जब श्रद्धालुओं को गाय की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली, तो उनकी चिंता बढ़ गई। गाय का दूध गांव की दुकानों और घरों में भी पहुंचता था, जिससे लोग और भी ज्यादा चिंतित हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने 21 अक्टूबर को गांव में कैंप लगाकर लोगों का टीकाकरण किया।

टीकाकरण की प्रक्रिया

21 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम डाड़ी गांव पहुंची। फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में टीम ने 400 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई। इससे पहले, 20 अक्टूबर को करीब 50 लोग पहले ही टीका लगवा चुके थे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण टीकाकरण का काम बिना रुके चलता रहा।

पशु चिकित्सक की रिपोर्ट

पशुपालक नवमी यादव ने बताया कि गाय की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और पशुपालक ने निजी पशु चिकित्सकों को दिखाया। चिकित्सकों ने गाय में रेबीज की आशंका जताई, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। गाय की असामान्य व्यवहार की वजह से श्रद्धालु चिंतित हो गए।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चिकित्सकीय सलाह दी है कि वे एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं। सामान्य इंट्रामस्कुलर शेड्यूल के अनुसार, पहली डोज के बाद तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन टीके लगाए जाते हैं। इसके बाद 90वें दिन बूस्टर डोज की बात कही गई है।

डिप्टी सीएमओ का बयान

गोरखपुर के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि गाय को कुत्ते ने काटा था और दुर्गा पूजा के दौरान उसके दूध से चरणामृत बनाया गया था। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि इसमें डरने की कोई बात नहीं है, क्योंकि गाय का दूध उबल गया होगा और उसके बाद दही बनाई गई होगी। उबालने से वायरस खत्म हो जाता है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह सही समय पर उठाया गया कदम है। लोग अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का धन्यवाद किया, जो उनकी सुरक्षा के लिए काम कर रही है।

आगे की योजना

स्वास्थ्य विभाग ने आगे की योजना बनाई है कि वे गांव में नियमित रूप से स्वास्थ्य कैंप आयोजित करेंगे। इससे लोगों को समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। यह कदम ग्रामीणों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos