SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, BLO अब घर जाकर लेंगे दस्तावेज; महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर तक बढ़ी तारीख

The CSR Journal Magazine
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग की 26 सितंबर 2026 को हुई बैठक में तय किया गया कि जिन लोगों को SIR के दौरान नाम मैप न होने या तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी हुए हैं, उन्हें बार-बार ERO या AERO कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। अब BLO ऐसे मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर ERO आगे फैसला करेगा।

घर पर ही दस्तावेज लेने जाएंगे BLO

चुनाव आयोग के मुताबिक, नोटिस पाने वाले लोगों के घर BLO जाकर दस्तावेज जमा करेंगे। ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर ERO/AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा। केवल विशेष परिस्थितियों में ERO सुनवाई कराने का फैसला कर सकता है और कोशिश होगी कि यह सुनवाई ऑनलाइन हो। जरूरत पड़ने पर परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी मतदाता की ओर से सुनवाई में शामिल हो सकेगा। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को भी मजबूत करने का फैसला किया है।

महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ी

महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए भी आयोग ने अहम राहत दी है। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं दावे, आपत्तियों और नोटिसों के निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 और इनके निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।

गरीब, मजदूर और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों यानी DEO को निर्देश दिया है कि रात में रहने वाले आश्रय स्थलों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए जरूरत के अनुसार पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाएं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के दौरान जिन लोगों का नाम छूट गया है, वे लगातार मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता भी Form 6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए CEO, DEO और ERO को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

ECINet की होगी दोबारा जांच

बैठक में ECINet व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। आयोग के मुताबिक फील्ड अधिकारियों को उनके कानूनी अधिकारों के अनुसार ही ECINet की सुविधाएं दी गई हैं। अब वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति ECINet की समीक्षा करेगी। इसमें IIT/IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह देखेगी कि व्यवस्था संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप है या नहीं। आयोग ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई बदलाव किए जा चुके हैं। जरूरत पड़ने पर आगे भी इसमें बदलाव किए जाएंगे।

20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा

चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है। जिन लोगों का नाम SIR के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची से छूट गया है, वे लगातार अपडेट की प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने गोवा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां छूटे मतदाताओं के घर जाकर BLO फॉर्म जमा करा रहे हैं। 97 में से 81 मतदाताओं ने अब तक नाम शामिल कराने के लिए Form 6 भर दिया है।
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