बिहार के सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित बलुआहा मध्य विद्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मध्याह्न भोजन खाने के बाद बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे शिक्षकों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पूरे विद्यालय का माहौल चीख-पुकार और डर में बदल गया।
मिड-डे मील में ‘सांप जैसे जीव’ मिलने का आरोप
घटना के बाद बच्चों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में परोसे गए मिड-डे मील में सांप के बच्चे जैसा कोई जीव मिला था। बताया जा रहा है कि भोजन किसी एनजीओ के माध्यम से तैयार कर स्कूल भेजा गया था। जैसे ही भोजन में संदिग्ध जीव मिलने की चर्चा फैली, अभिभावकों का गुस्सा भड़क उठा। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि भोजन में वास्तव में क्या मिला था, लेकिन पूरे मामले ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।
245 बच्चों ने खाया था भोजन
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी के अनुसार स्कूल में कुल 719 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से गुरुवार को 543 बच्चे उपस्थित थे। इनमें कक्षा 1 से 5 तक के लगभग 245 बच्चों ने मध्याह्न भोजन किया था। भोजन करने के थोड़ी देर बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। कुछ बच्चों को गंभीर स्थिति में तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
अस्पतालों में मची अफरा-तफरी
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बीमार बच्चों को पहले महिषी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। लेकिन बच्चों की संख्या अधिक होने और कुछ की हालत गंभीर होने के कारण करीब 115 बच्चों को बेहतर उपचार के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्कूल में अभिभावकों का हंगामा
बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने स्कूल कार्यालय में घुसकर हंगामा और तोड़फोड़ की कोशिश भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन ने भोजन के नमूने जांच के लिए भेजने की बात कही है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।