फ्रीजर में 4 साल से रखा शव, डे-केयर सेंटर का रहस्य अब खुला

The CSR Journal Magazine

सुराग मिला संदिग्ध पार्सल से

मुंबई: महाराष्ट्र के मालाड में एक बंद डे-केयर सेंटर से जुड़ा एक अजीब मामला सामने आया है। 4 साल से एक बुजुर्ग की लाश फ्रीजर में रखी थी, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी एक संदिग्ध पार्सल के मिलने पर हुई। यह घटना पुलिस के लिए एक बड़ा आश्चर्य बन गई। जब पुलिस ने डे-केयर सेंटर का दौरा किया, तो वहां एक डीप फ्रीजर मिला, जिसमें शव रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि परिवार वाले हर महीने करीब 1.30 लाख रुपये शव को सुरक्षित रखने के लिए देते थे, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, चार साल में शव को रखने पर कुल 50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

रहस्य को उजागर करने वाला पत्र

यह मामला अचानक उस समय सबके सामने आया, जब सोमवार को कुरार पुलिस स्टेशन में एक संदिग्ध पार्सल पहुंचा। रैपिडो डिलीवरी के एक कर्मचारी ने जब उससे इनकार किया, तो उसे उस पते पर ले जाया गया, जो पार्सल पर लिखा था। यह पता एक बंद डे-केयर सेंटर का था। जब पुलिस वहां पहुंची, तो एक व्यक्ति ने संदिग्ध पार्सल के बारे में जानकारी दी। पार्सल खोला गया, जिसमें एक पत्र था, जिसमें डीप फ्रीजर में शव रखे होने की बात लिखी थी। यह जानकर पुलिस भी चौंक गई।

फ्रीजर में शव का मिलना

पुलिस ने तुरंत डे-केयर सेंटर के डॉक्टर अहमद सय्यद से संपर्क किया, जिन्होंने उनकी मदद की। सेंटर का ताला खोलने के बाद, पुलिस ने फ्रीजर खोला और वहां एक 78 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिला। उसकी मौत जून 2022 में कैंसर और किडनी फेल्योर के कारण हुई थी। परिवार ने शुरुआत में शव को घर में रखा, लेकिन सोसायटी के लोगों के विरोध के कारण, उन्हें इसे डे-केयर सेंटर में सुरक्षित रखने का फैसला करना पड़ा।

क्रायोनिक्स का रहस्य

पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि बुजुर्ग के दो बेटियां और एक बेटा है, और उनकी पत्नी भी जीवित हैं। अमेरिका में रहने वाली बेटी ने बताया कि उन्होंने किसी वैज्ञानिक से सुना था कि शव को विशेष तरीके से सुरक्षित रखने से भविष्य में दोबारा जीवन की संभावना पर शोध किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से परिवार ने शव को फ्रीजर में रखने का निर्णय लिया। 2022 से 2023 के बीच शव को संरक्षित रखने की योजना बनी थी।

पुलिस की जांच की दिशा

पुलिस के सामने अब यह सवाल है कि यह जानकारी उन्हें कैसे मिली। यह संदिग्ध पार्सल एक महिला ने भेजा था। शुरू में पुलिस ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में पार्सल ने पुलिस को डे-केयर सेंटर में शव के बारे में जागरूक किया। घटना के बाद, पुलिस ने शव को निकालकर मोर्चरी भेजा और बुधवार को परिवार की मौजूदगी में इसका अंतिम संस्कार कराया।

सामने आई सुरक्षा की चिंता

स्थानीय निवासी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि डे-केयर सेंटर के भीतर इतना समय से शव रखा हुआ था। कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे कि केंद्र की स्थिति और इलाके में सुरक्षा। सेंटर के आसपास दवाइयों के डिब्बे और मेडिकल उपकरण पाए गए हैं, जो और भी सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि शव को इतने लंबे समय तक फ्रीजर में रखने की अनुमति किसने दी और परिवार की भावनाओं के साथ-साथ नियमों के उल्लंघन की जिम्मेदारी किस पर होगी।

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