इस्लामाबाद में 27 सितंबर के मार्च से पहले तनाव, अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का दावा

The CSR Journal Magazine

इस्लामाबाद में मचा हड़कंप

पाकिस्तान के हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। पीओके और बलूचिस्तान के बाद अब राजधानी इस्लामाबाद में बड़े कत्लेआम का डर सता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि 27 सितंबर को ‘फेल्ड मार्शल’ आसिम मुनीर एक बार फिर अपनी ही जनता के खून से सड़कें लाल कर सकते हैं। इस डर का कारण इस्लामाबाद के अस्पतालों से आ रही दिल दहला देने वाली खबरें हैं। दावा किया जा रहा है कि अगले 120 घंटों के भीतर इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है।

27 सितंबर का दिन: एक महत्वपूर्ण तारीख

दरअसल, जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में देशव्यापी मार्च का ऐलान किया है। प्रदर्शन की तारीख करीब आने पर सरकार और सेना में डर का माहौल साफ झलकने लगा है। इसी कारण वे जनता और कार्यकर्ताओं पर शिकंजा कसने की योजना बना रहे हैं। इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट से लीक हुए सरकारी कागजात के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों को सभी ऑपरेशनों को टालने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों में हाई अलर्ट का आदेश

अस्पतालों के सर्जिकल विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी डॉक्टरों, सर्जनों, नर्सों और सपोर्ट स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। कई मरीज गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं, लेकिन उन्हें बताया जा रहा है कि उनकी सर्जरी टाल दी गई है। राष्ट्रपति शहबाज शरीफ और मुनीर के आदेश का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है।

इमरान खान का परिवार संकट में

शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान के परिवार पर कड़ी कार्रवाई की है। इमरान खान की तीन बहनों को हिरासत में लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान के परिवार के आठ सदस्यों को एक ही दिन में हिरासत में लिया गया जो बेहद चिंताजनक है। अलीमा खान को ‘मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर’ कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

पीटीआई का विरोध और गिरफ्तारी की लहर

PTI ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र का गला घोंटना’ करार दिया है। उनका आरोप है कि उनके पार्टी दफ्तरों पर धड़ाधड़ छापेमारी की जा रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है। पीटीआई का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सरकार पहले ही हिंसा के डर से माहौल खराब कर रही है।

इमरान खान की सेहत पर सस्पेंस

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब 71 वर्षीय इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल की परिस्थितियों को लेकर उनके समर्थकों में भारी गुस्सा है। खान के परिवार का आरोप है कि उन्हें अपने डॉक्टर से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उनके समर्थन में गुस्साए कार्यकर्ताओं में आक्रोश का माहौल है और इसी वजह से 27 सितंबर का प्रदर्शन और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

क्या 27 सितंबर को इस्लामाबाद बनेगा जंग का मैदान?

पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को देखकर यही लगता है कि 27 सितंबर को इस्लामाबाद की सड़कें जंग के मैदान में तब्दील हो सकती हैं। पीटीआई कार्यकर्ता अपने नेता की रिहाई के लिए तैयार हैं, जबकि दूसरी ओर, शहबाज सरकार और सेना इस प्रदर्शन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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