कांवड़ यात्रा 2026: नमो भारत के 17 स्टेशन आंशिक रूप से बंद

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कांवड़ यात्रा 2026: ‘नमो भारत’ के 17 स्टेशन रहेंगे बंद, जानें रूट और राहत की बातें

भगवान शिव के माह सावन की शुरुआत होते ही उत्तर भारत में सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कांवड़ यात्रा 2026 का आगाज़ हो गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख जैसे पवित्र स्थलों पर कांवड़ यात्रा के लिए जुट रही है। लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल, साइकिल या अन्य साधनों से अपने शहरों और गांवों के शिव मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं।

कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू

कांवड़ यात्रा 2026 के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक गाजियाबाद से मेरठ के मोदीपुरम के बीच 17 नमो भारत (RRTS) स्टेशनों के चुनिंदा एंट्री-एग्जिट गेट और पार्किंग को बंद करने का फैसला किया है। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रूप से चालू रहेंगी और बंद गेटों के अलावा अन्य वैकल्पिक गेटों का उपयोग किया जा सकता है।

कौन-से स्टेशन रहेंगे बंद

इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान ‘नमो भारत’ के 17 स्टेशन बंद रहेंगे। ये निर्णय यातायात की सुगमता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि बंद किए जाने वाले स्टेशन उत्तर भारत के कुछ प्रमुख शहरों में स्थित हैं। इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना बनाई है।

बंद रहने वाले स्टेशनों और गेटों की सूची

कांवड़ मार्ग (रोड साइड) की तरफ पड़ने वाले अधिकांश स्टेशनों के गेट नंबर 2 को बंद रखा गया है-
मोदीपुरम – गेट संख्या 02 बंद
मेरठ नॉर्थ – गेट संख्या 02 बंद
एमईएस कॉलोनी – गेट संख्या 02 बंद
बेगमपुल – गेट संख्या 02 और 03 बंद
भैंसाली – गेट संख्या 02 और 03 बंद
मेरठ सेंट्रल – गेट संख्या 02 बंद
ब्रह्मपुरी – गेट संख्या 02 बंद
शताब्दी नगर – गेट संख्या 02 बंद
रिठानी – गेट संख्या 02 बंद
परतापुर – गेट संख्या 02 बंद
मेरठ साउथ – गेट संख्या 02 बंद
मोदीनगर नॉर्थ – गेट संख्या 02 बंद
मोदीनगर साउथ – गेट संख्या 02 बंद
मुरादनगर – गेट संख्या 02 बंद
दुहाई – गेट संख्या 03 और 04 बंद
गुलधर – गेट संख्या 02 बंद
गाजियाबाद – गेट संख्या 03 और 05 बंद
प्रभावित गेटों की तरफ स्थित पार्किंग स्थल बंद रहेंगे। स्टेशनों के दूसरी तरफ की सामान्य पार्किंग खुली रहेगी।

राहत की बातें और ट्रेन शेड्यूल

सड़क मार्ग पर भारी जाम और रूट डायवर्जन के बीच नमो भारत ट्रेनें यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सहारा बनेंगी।
सेवाएं अप्रभावित: सराय काले खां से मोदीपुरम के बीच पूरी ट्रेन सेवा बिना किसी रुकावट के जारी है।
फ्रीक्वेंसी में सुधार: यात्रियों की भीड़ को देखते हुए हर 8 मिनट में ट्रेन उपलब्ध कराई जा रही है (पहले यह 10 मिनट थी)।
अतिरिक्त फेरे: कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे कॉरिडोर पर 52 अतिरिक्त ट्रिप चलाई जा रही हैं।
समय: 14 अगस्त तक ट्रेनें प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक लगातार चलेंगी।
वैकल्पिक गेट: सभी 17 स्टेशनों पर अन्य वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वार खुले हैं, जिससे यात्री आसानी से स्टेशन आ-जा सकते हैं।

स्कूलों की छुट्टियाँ

कांवड़ यात्रा के चलते कई राज्यों में स्कूलों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए, संबंधित राज्य सरकारों ने छुट्टियों का ऐलान किया है। यह कदम बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत का कारण बनेगा।

यात्रा का प्रमुख रूट

इस यात्रा का सबसे प्रमुख रूट हरिद्वार से शुरू होता है, जहाँ से श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने घरों की ओर निकलते हैं। यह यात्रा विभिन्न शहरों और गांवों से होकर गुजरती है, जिसमें जलाभिषेक के लिए विशेष स्थान बनाए जाते हैं। स्थानीय प्रशासन ने यात्रा के मार्ग की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया है।

सुरक्षा प्रबंध

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, पुलिस गश्त और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित की जा रही हैं।

संकेतन के उपाय

यात्रा के दौरान कई स्थानों पर विशेष संकेतक बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सही दिशा में मार्गदर्शन किया जा सके। इसके अलावा, राहत केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ कांवड़ियों के लिए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगे।

आपातकालीन सेवाएं

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय रखा जाएगा। यदि किसी को सहायता की आवश्यकता होती है, तो तुरंत जवाब देने वाली टीम उपलब्ध होगी। इस तरह के उपायों से यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

आस्था और परंपरा

कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में हिस्सा लेते हैं और अपनी आस्था को प्रकट करते हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।

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