एशियन गेम्स 2026 में भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, कंपाउंड तीरंदाजी में जीता ऐतिहासिक गोल्ड
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने वह कर दिखाया जो इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया है। भारतीय महिला तिकड़ी ने न केवल पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी चीन को फाइनल में धूल चटाई, बल्कि 238 अंकों के ऐतिहासिक स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। भारत की स्टार तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रीतिका प्रदीप और चिकिता तनिपर्थी ने फाइनल मुकाबले में चीनी टीम को 238-234 से हराकर लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने इन एशियाई खेलों में अपना 7वां गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है। भारतीय तीरंदाजों की इस अद्भुत सटीकता ने पूरे टूर्नामेंट में भारत का दबदबा कायम कर दिया है।
परफेक्ट 10 की बारिश: दक्षिण कोरिया के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी
Okazaki Chuo Sogo Park में आयोजित इस महामुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी। 24 शॉट्स के इस कड़े मुकाबले में भारतीय लड़कियों ने गजब का मानसिक संतुलन दिखाया। टीम ने कुल 24 में से 22 तीरों पर परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जो तीरंदाजी के इतिहास में बेहद दुर्लभ माना जाता है। इस अविश्वसनीय प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 238 अंकों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके साथ ही भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया द्वारा 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में बनाए गए महिलाओं के कंपाउंड टीम इवेंट के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मैच के आखिरी एंड में दबाव चरम पर था, लेकिन भारत की बेटियों ने लगातार 6 परफेक्ट 10 लगाकर चीनी चुनौती को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
पल-पल का रोमांच: शुरुआत से ही बनाई बढ़त
चार सीरीज तक चले इस हाई-वोल्टेज फाइनल मैच में भारत ने पहली सीरीज से ही चीन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया था।
• पहला सेट: भारतीय टीम ने परफेक्ट 60 में से 60 का स्कोर किया, जबकि चीन की टीम दबाव में सिर्फ 58 अंक ही जुटा सकी। यहीं से भारत को 2 अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई।
• हाफवे स्टेज: खेल के बीच तक भारतीय टीम 119-116 से आगे चल रही थी। चीन की वूनियर, यू वांग और फेंगयाओ वेई की तिकड़ी ने वापसी की पुरजोर कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
• अंतिम क्षण: अंतिम राउंड में जब चीन ने अंकों के अंतर को कम करने की कोशिश की, तब प्रीतिका और ज्योति ने बिना कोई गलती किए बैक-टू-बैक 10 पॉइंट्स पर निशाना साधा। अंततः भारत ने 238-234 के अंतर से स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को दी थी मात
भारत के लिए फाइनल का सफर भी आसान नहीं था। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना तीरंदाजी की महाशक्ति माने जाने वाले दक्षिण कोरिया से था। बेहद रोमांचक और दिल की धड़कनें रोक देने वाले इस मैच में भारत ने कोरिया को 234-233 के मामूली अंतर से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंतिम क्षणों में प्रीतिका और चिकिता ने परफेक्ट 10 लगाकर भारत की जीत सुनिश्चित की थी।
स्वर्ण पदक विजेताओं का सफर और प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ देखी जा सकती थी। इस टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी ज्योति सुरेखा वेन्नम के करियर का यह चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल है। उन्होंने इससे पहले हांग्जो 2023 में व्यक्तिगत, टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। जीत के बाद युवा तीरंदाज प्रीतिका प्रदीप ने कहा, “हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहे थे। हमें पता था कि चीन और कोरिया के खिलाफ गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। अगर हमारा कोई एक शॉट 9 पर भी जाता, तो हम तुरंत एक-दूसरे से कहते थे कि अपनी बुनियादी तकनीक पर ध्यान दो और अगले शॉट को परफेक्ट बनाओ। इसी टीम वर्क ने हमें विश्व रिकॉर्ड तक पहुंचाया।”
भारत की बड़ी उपलब्धि: लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का कोटा सुरक्षित
इस जीत का महत्व इसलिए भी दोगुना हो जाता है क्योंकि भारतीय कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों का आधिकारिक कोटा भी हासिल कर लिया है। गौरतलब है कि कंपाउंड तीरंदाजी को 2028 के ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जा रहा है, और भारत ने अभी से ही वहां पदक के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
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