भारत की पाकिस्तान-बांग्लादेश बॉर्डर पर हाई-टेक निगरानी: चीन सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ी

The CSR Journal Magazine
भारत ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाए हैं। ऑपरेशन सिंदूर और गलवान झड़प के बाद, पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर एंटी-ड्रोन और सेंसर की सहायता से निगरानी की जा रही है। गृह मंत्रालय की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि जम्मू क्षेत्र और असम में 5-5 किलोमीटर की दूरी पर ‘कंप्रीहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम’ (CIBMS) के तहत दो पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। यह एक नई तकनीकी प्रणाली है, जो सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।

सीमा पर पेट्रोलिंग में तेजी

लद्दाख में चीन सीमा पर भी सुरक्षा बलों ने कदम उठाए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने 29 नए बॉर्डर आउटपोस्ट बनाए हैं, जिससे अब कुल संख्या 209 हो गई है। यह प्रयास जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी की झड़प के बाद की गई है। नए आउटपोस्ट से दूर-दराज के इलाकों में ITBP की सालभर मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।

ड्रोन खतरों का सामना

CIBMS प्रणाली से ड्रोन के बढ़ते खतरों का प्रभावी सामना किया जा सकेगा। सुरक्षा बलों को विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण दिए जाएंगे, जिससे वे अवैध हवाई घुसपैठ का पता लगाने में सक्षम होंगे। इस प्रणाली के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में न केवल सुधार होगा, बल्कि निगरानी भी बेहतर होगी।

पेट्रोलिंग का आंकड़ा बढ़ा

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ITBP ने 2017-18 में औसतन 173 पेट्रोलिंग प्रति माह की थी। अब यह संख्या बढ़कर 500 प्रति माह हो गई है, यानी करीब 3 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते सीमाओं पर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से भारत की रक्षा तैयारी एक नए स्तर पर पहुंच गई है।

नई आउटपोस्ट की महत्ता

नए बॉर्डर आउटपोस्ट लद्दाख में सुरक्षा जवानों के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ, सीमाओं की गहन निगरानी का कार्य भी करेंगे। इससे पहले, 2022 से 2024 के बीच ITBP ने इन नए आउटपोस्ट का निर्माण किया है, जो रणनीतिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह प्रणाली सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाती है।

रक्षा प्रस्ताव की मंजूरी

इस बीच, सरकार ने 2.38 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एयरफोर्स और आर्मी के लिए कई महत्वपूर्ण सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल किए गए हैं। यह कदम भी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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