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January 26, 2026

कैंसर जंग में गुजरात सरकार की बड़ी जीत: CMRF ने 4 साल में 2,100+ मरीजों को दिया नया जीवन, करोड़ों की मदद

The CSR Journal Magazine
गुजरात में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) बीते चार वर्षों में उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में वर्ष 2021 से 2025 के बीच CMRF ने राज्य के 2,106 कैंसर मरीजों को आर्थिक सहायता दी है, जिससे कई लोगों को समय पर इलाज मिल सका और उनकी जिंदगी को नया मौका मिला।
कई मामलों में देखा गया है कि इलाज मौजूद होने के बावजूद पैसों की कमी मरीज और उसके परिवार के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष का उद्देश्य साफ है, कोई भी व्यक्ति सिर्फ आर्थिक मजबूरी की वजह से जरूरी इलाज से वंचित न रहे। कैंसर के साथ-साथ हृदय रोग, किडनी और लिवर फेल्योर तथा अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज भी CMRF के दायरे में आते हैं।

आसान नियम, पारदर्शी प्रक्रिया

CMRF से सहायता पाने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें तय की गई हैं। आवेदक की सालाना आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 6 लाख रुपये रखी गई है। मरीज को अपने इलाज से जुड़े जरूरी मेडिकल कागजात, खर्च का अनुमान और निवास प्रमाण-पत्र जमा करना होता है।
आवेदन के बाद राजस्व विभाग द्वारा जांच की जाती है और फिर मामला मुख्यमंत्री राहत कोष समिति के सामने रखा जाता है। मंजूरी मिलने पर सहायता की राशि सीधे अस्पताल या मरीज के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। यही वजह है कि यह प्रक्रिया जरूरतमंदों के लिए काफी भरोसेमंद मानी जा रही है।

चार साल में 31 करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच CMRF ने कैंसर मरीजों के इलाज के लिए 31.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है। इस दौरान 450 मरीज ब्लड कैंसर से पीड़ित थे, जिनमें कई बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे जटिल इलाज से जुड़े मामले थे। वहीं, अन्य प्रकार के कैंसर से जूझ रहे 1,656 मरीजों को भी इस कोष से आर्थिक सहारा मिला।

बड़े अस्पतालों से सीधे जुड़ी मदद

गुजरात के कई प्रमुख कैंसर अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं। अहमदाबाद का गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), राजकोट का नथालाल पारिख कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट, सूरत का भारत कैंसर हॉस्पिटल, बी.टी. सावानी हॉस्पिटल, किरण मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और AAIHMS जैसे संस्थानों में मरीजों को CMRF के तहत सीधी मदद मिल रही है। यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है।

संकट की घड़ी में भरोसे का सहारा

कैंसर के अलावा भी CMRF के जरिए लिवर, किडनी, हृदय और फेफड़ों के प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज में मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की सोच “स्वास्थ्य और जीवन सबसे पहले” को जमीन पर उतारते हुए यह कोष आज आम लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बन चुका है। जरूरत के समय मिलने वाली यह मदद न सिर्फ इलाज आसान बनाती है, बल्कि मरीज और उसके परिवार को मानसिक संबल भी देती है।
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