23 साल पहले आया था ये छोटा-सा डिवाइस, जिसने बदल दी संगीत की दुनिया, आज क्यों हो गया गायब?

The CSR Journal Magazine
23 अक्टूबर 2001 को ऐपल ने एक ऐसा डिवाइस पेश किया, जिसने संगीत सुनने का तरीका बदल दिया। इसका नाम था आईपॉड (iPod)। यह छोटा-सा म्यूजिक प्लेयर हजारों गानों को जेब में लेकर चलने का सपना सच करने वाला था। आईपॉड ने न केवल लोगों के गाने सुनने के तरीके में बदलाव लाया, बल्कि म्यूजिक इंडस्ट्री को भी नई दिशा दी। आज लोग मोबाइल फोन पर गाने सुनना और अपनी पसंद की प्लेलिस्ट बनाना बेहद आसान समझते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब सफर में गाने सुनने के लिए कैसेट या सीडी प्लेयर साथ रखना पड़ता था। आईपॉड के लॉन्च ने डिजिटल गानों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कैसे आया आईपॉड का आइडिया?

2001 तक डिजिटल म्यूजिक का चलन तेजी से बढ़ने लगा था। लोग कैसेट और सीडी की जगह MP3 प्लेयर का उपयोग करने लगे थे। लेकिन उस समय के कई प्लेयर उपयोग में आसान नहीं थे और उनमें सीमित संख्या में गाने रखे जा सकते थे। ऐपल के तत्कालीन सीईओ स्टीव जॉब्स ने इस मौके को पहचाना और टोनी फैडेल को आईपॉड के विकास के लिए टीम में शामिल किया। उन्होंने एक ऐसा छोटा और आसान डिवाइस बनाने का लक्ष्य रखा, जिसमें लोग अपनी पसंद के ढेर सारे गाने रख सकें। टीम ने तेजी से काम किया और 23 अक्टूबर 2001 को आईपॉड की घोषणा की गई।

पहला आईपॉड: आकार और डिजाइन

पहला आईपॉड आकार में ताश की गड्डी जितना था। इसमें एक सिलेक्शन बटन और चार कंट्रोल बटन थे। इसका सबसे खास हिस्सा था मैकेनिकल स्क्रॉल व्हील, जिससे यूजर गानों की सूची में आगे-पीछे जा सकते थे। सफेद रंग का फ्रंट और स्टेनलेस स्टील का पिछला हिस्सा इसे दूसरे म्यूजिक प्लेयर से अलग पहचान देता था। इसकी बैटरी करीब 10 घंटे तक चल सकती थी और इसमें 5GB की हार्ड ड्राइव थी, जिसमें लगभग 1,000 गाने स्टोर किए जा सकते थे।

आईपॉड की बिक्री का सफर

आईपॉड की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसकी बिक्री तुरंत आसमान पर नहीं पहुंची। पहले साल में करीब 3.5 लाख डिवाइस बिके। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि शुरुआती आईपॉड केवल ऐपल के कंप्यूटर के साथ काम करता था। 2002 में कंपनी ने विंडोज कंप्यूटर उपयोग करने वालों के लिए भी आईपॉड का वर्जन पेश किया। इससे इसके संभावित ग्राहकों की संख्या बढ़ गई। इसके बाद 2003 में ऐपल ने आईट्यून्स म्यूजिक स्टोर शुरू किया, जिससे लोग कानूनी रूप से गाने खरीदकर डाउनलोड कर सकते थे।

आईपॉड का विकास: वीडियो और पॉडकास्ट

समय के साथ ऐपल ने आईपॉड में नए फीचर जोड़ने शुरू किए। 2005 में पॉडकास्ट डाउनलोड करने की सुविधा दी गई। इसी साल आईपॉड क्लासिक की पांचवीं पीढ़ी में वीडियो देखने के लिए स्क्रीन दी गई। अब यह डिवाइस केवल गाने सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को टीवी शो और फिल्में देखने की सुविधा भी मिली। ऐपल ने आईपॉड की कई सीरीज पेश कीं, जिनमें आईपॉड क्लासिक, मिनी, शफल, नैनो और टच शामिल थे।

आईफोन ने किया आईपॉड का अंत

आईपॉड की सफलता ने ऐपल को यह समझने में मदद की कि लोग छोटे, आसान और आकर्षक डिवाइस में डिजिटल कंटेंट का उपयोग करना पसंद करते हैं। 2007 में आईफोन पेश किया गया, जिसमें फोन के साथ गाने और वीडियो चलाने की सुविधा भी थी। धीरे-धीरे स्मार्टफोन ने म्यूजिक प्लेयर की जरूरत कम कर दी। अंततः, ऐपल ने मई 2022 में आईपॉड टच की बिक्री बंद करने का ऐलान किया, जिससे आईपॉड के सफर का अंत हुआ।

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