GST केस निपटाने के लिए मांगे 1.50 करोड़, 40 लाख में तय हुई रिश्वत, CBI की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया अवैध

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र के रायगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में CGST के दो अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। CBI के मुताबिक, CGST सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने मामले को निपटाने के बदले शिकायतकर्ता से 1.50 करोड़ रुपये की अनुचित रकम मांगी थी। बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई।

निजी व्यक्ति के जरिए ली जानी थी रकम

आरोप है कि रिश्वत की रकम सीधे सरकारी अधिकारियों को देने के बजाय एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया गया था। शिकायतकर्ता को उसी व्यक्ति के जरिए रकम देने के लिए कहा गया। CBI ने शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया। एजेंसी के मुताबिक, निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद CGST के दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई।

CGST के एडिशनल कमिश्नर समेत तीन गिरफ्तार

CBI ने इस मामले में विनय कुमार कन्हेटी, एडिशनल कमिश्नर CGST, राकेश कुमार सिन्हा, सुपरिंटेंडेंट CGST और निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया। CBI के अनुसार, 40 लाख रुपये की रकम स्वीकार किए जाने की जानकारी दोनों CGST अधिकारियों तक पहुंची थी। एजेंसी ने 26 अगस्त को मामला दर्ज किया था और 27 अगस्त को गिरफ्तारियां की गईं।

तलाशी में 43 लाख रुपये नकद और आभूषण मिले

गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान 43 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 90 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी मिलने की बात सामने आई है। CBI ने इन बरामद चीजों को जांच का हिस्सा बनाया है और मामले की आगे जांच जारी है।

फिर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर उठाया सवाल

मामले में बाद में बड़ा मोड़ आया। ठाणे की विशेष CBI अदालत ने तीनों आरोपियों की आगे की हिरासत की CBI की मांग खारिज कर दी और गिरफ्तारियों को कानूनी रूप से उचित नहीं माना। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी रिकॉर्ड में आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण ठीक तरीके से बताए जाने की बात साबित नहीं हुई। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों के परिजनों को लिखित रूप से सूचना नहीं दी गई थी।

तीनों आरोपियों को बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश

अदालत ने तीनों आरोपियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। उन्हें 15-15 हजार रुपये के PR बॉन्ड और इतनी ही राशि की जमानत देने को कहा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्वत मामले की जांच खत्म हो गई है। अदालत ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है और CBI की आगे की जांच जारी रहेगी।

अब जांच में क्या सामने आएगा?

इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने हैं। एक तरफ CBI का आरोप है कि GST और रॉयल्टी विवाद खत्म करने के लिए पहले 1.50 करोड़ रुपये मांगे गए और बातचीत के बाद 40 लाख रुपये में सौदा हुआ। दूसरी तरफ अदालत ने गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीनों को रिहा कर दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों से जुड़े सबूत किस तरह सामने आते हैं।

मामले की जांच अभी जारी

रायगढ़ का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें CGST के वरिष्ठ अधिकारी का नाम सामने आया है और कथित रिश्वत की रकम लाखों रुपये में है। CBI ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के अलावा तलाशी में नकदी और आभूषण भी बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और अदालत के आदेश के बाद आरोपी बाहर हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos