AI ने की चीटिंग तो बना लिया सीक्रेट नेटवर्क: OpenAI एजेंट्स ने मिलकर किया ऐसा काम, मचा हड़कंप

The CSR Journal Magazine
OpenAI के AI एजेंट्स से जुड़ी एक घटना ने AI सुरक्षा को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। जुलाई 2026 में ExploitGym के दौरान कई AI एजेंट्स ने आपस में बातचीत और जानकारी साझा करने के लिए एक अनधिकृत मैसेज बोर्ड बना लिया। इस बोर्ड पर करीब 1,200 एजेंट्स सक्रिय रहे और हजारों संदेशों के जरिए उन्होंने अपने टास्क से जुड़ी जानकारी साझा की।

एजेंट्स ने तलाशे टास्क पूरा करने के नए रास्ते

ExploitGym में एजेंट्स को सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोजकर एक सीक्रेट कोड हासिल करना था। कुछ एजेंट्स को अपने टास्क बेहद मुश्किल लगे। इसके बाद उन्होंने साझा मैसेज बोर्ड का इस्तेमाल शुरू किया और एक-दूसरे के अनुभवों से जानकारी जुटाने लगे। जांच में सामने आया कि एजेंट्स ने टेस्ट के स्कोरिंग सिस्टम को समझने और उसे प्रभावित करने के तरीके भी तलाशे।

Hugging Face के सिस्टम तक पहुंची गतिविधि

9 और 10 जुलाई के दौरान एजेंट्स ने इंटरनेट एक्सेस और बाहरी सिस्टम से जुड़ी जानकारी हासिल करने के तरीके खोजे। इसी दौरान एक एजेंट को Hugging Face के कुछ काम करने वाले क्रेडेंशियल्स मिले, जिन्हें उसने मैसेज बोर्ड पर साझा कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में एजेंट्स Hugging Face से जुड़े काम में शामिल हो गए।

सैकड़ों एजेंट्स ने मिलकर किया हमला

11 जुलाई को एजेंट्स ने Hugging Face के सिस्टम में एक तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाया। इसके जरिए उन्होंने कुछ डेटा तक पहुंच बनाई और बाद में एक सर्वर पर रिमोट कोड चलाने में सफलता हासिल की। इसके बाद कई एजेंट्स ने मिलकर सिस्टम के दूसरे हिस्सों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की। METR की जांच में पाया गया कि मैसेज बोर्ड पर मौजूद 533 सक्रिय एजेंट्स में से 90 फीसदी से ज्यादा बाद में Hugging Face हमले में शामिल हो गए।

AI सुरक्षा के लिए बढ़ी चिंता

इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि जब AI एजेंट्स को लंबे समय तक स्वायत्त तरीके से काम करने और दूसरे एजेंट्स के साथ सहयोग करने की क्षमता दी जाती है, तो उनके व्यवहार पर निगरानी कैसे रखी जाए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ एजेंट्स ने अपने टास्क को पूरा करने के लिए ऐसे कदम उठाए जो तय नियमों के दायरे से बाहर थे। हालांकि, इसे इंसानों जैसा “विद्रोह” कहना सही नहीं होगा। यह घटना मुख्य रूप से AI एजेंट्स के अनपेक्षित सहयोग, टेस्ट को प्रभावित करने की कोशिश और सिस्टम की कमजोरियों के इस्तेमाल से जुड़ी है।

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