Navratri में चिकन पार्टी से घिरे सपा नेता, BJP ने कहा सनातन का अपमान

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल में सपा और बीजेपी के बीच धर्म को लेकर सियासत तेज हो गई है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में माता की चौकी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आरती की और श्रद्धालुओं के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, बीजेपी ने इस मौके पर सपा सांसदों का नवरात्रि में नॉन वेज खाने का वीडियो साझा किया, जिससे सपा पर चुनावी हिंदू होने का आरोप लगाया गया।

चिकन पार्टी पर बीजेपी का हमला

बीजेपी ने सपा नेताओं की चिकन पार्टी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि जब देश में नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है, तब सपा के नेता नॉन वेज का सेवन कर रहे हैं। बीजेपी ने इसे ‘सनातन का अपमान’ करार दिया है। इस वीडियो के साथ बीजेपी ने लिखा, “नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र बेनकाब।” इस बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।

अखिलेश यादव का जवाब

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि महंगाई के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में पूजा-पाठ की चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, महंगाई और मुनाफाखोरी के चलते आम जनता परेशान है। उन्होंने मांग की कि त्योहारों के दौरान जरूरी चीजों की कीमतें कम की जाएं।

सांस्कृतिक एकता का संदेश

अखिलेश यादव ने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी विविधता में है। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्रि जैसे त्योहारों का उद्देश्य आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। उनके अनुसार, सभी धर्मों और पंथों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं। इस प्रकार, अखिलेश ने सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

बीजेपी का आरोप: चुनावी हिंदू बनने का नाटक

बीजेपी ने सपा पर आरोप लगाया है कि वह चुनावी हिंदू बनने का नाटक कर रही है। पार्टी का कहना है कि एक तरफ सपा धार्मिक आयोजनों में शामिल होती है, वहीं दूसरी तरफ उसके नेता नॉन वेज का सेवन कर रहे हैं। इस प्रकार, बीजेपी ने सपा के दोहरे चेहरे को उजागर करने की कोशिश की है।

महंगाई का मुद्दा: चुनावी हथियार

अखिलेश यादव ने महंगाई को चुनावी मुद्दा बनाते हुए कहा कि सरकार को त्योहारों के दौरान राहत प्रदान करनी चाहिए। उनका कहना है कि महंगाई सिर्फ चीनी तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

सपा का सॉफ्ट हिंदुत्व

इस पूरे मामले में सपा का सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर बढ़ना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा हमेशा से सांस्कृतिक एकता की पक्षधर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्रि जैसे पर्वों में भाग लेना उनकी पार्टी की परंपरा है। इस प्रकार, सपा ने अपने धार्मिक आयोजनों को लेकर एक सकारात्मक छवि पेश करने की कोशिश की है।

सियासी माहौल में गर्माहट

इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश के सियासी माहौल में गर्माहट ला दी है। नवरात्रि के दौरान सपा और बीजेपी के बीच यह टकराव यह दर्शाता है कि चुनावी रणनीतियों में धर्म का कितना बड़ा स्थान है। इस प्रकार, यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर इस मुद्दे का क्या असर पड़ता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos