Madhya Pradesh Railway Connectivity को मिली रफ्तार, कैलारस–बीरपुर रेलखंड से ग्वालियर-चंबल की बदली तस्वीर

The CSR Journal Magazine
मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण को लगातार गति मिल रही है। इसी कड़ी में कैलारस–बीरपुर के बीच 56 किलोमीटर लंबे आमान परिवर्तित ब्रॉडगेज रेलखंड का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही तीन नई विस्तारित रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई गई। इससे ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ शिक्षा, रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

Madhya Pradesh Railway Connectivity : 14,700 करोड़ का रेल बजट

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए इस साल के बजट में 14,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2004-14 के दौरान राज्य को रेलवे विकास के लिए औसतन करीब 632 करोड़ रुपये मिलते थे। ऐसे में मौजूदा आवंटन में बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में चल रही हैं। इससे राज्य के कई हिस्सों में रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

188 किमी की ग्वालियर-श्योपुर रेल परियोजना

कैलारस–बीरपुर रेलखंड, करीब 188 किलोमीटर लंबी ग्वालियर–श्योपुरकला आमान परिवर्तन परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगभग 3,128 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई कस्बों और गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कैलारस से बीरपुर तक रेल सेवा का विस्तार केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास का नया रास्ता है। इससे छात्रों को शिक्षा, युवाओं को रोजगार, किसानों को बाजार और व्यापारियों को नए बाजारों तक पहुंच मिलेगी।

10 साल में नई लाइन, मल्टी-ट्रैकिंग और गेज परिवर्तन

रेल मंत्री के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में मध्य प्रदेश में 222 किलोमीटर नई रेल लाइन, करीब 1,200 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग और 707 किलोमीटर गेज परिवर्तन का काम पूरा किया गया है। राज्य में फिलहाल पांच वंदे भारत ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम भी किया जा रहा है। ग्वालियर और खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

आम यात्रियों के लिए भी बढ़ेगी सुविधा

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे केवल तेज ट्रेनों तक सीमित नहीं है। आम और मध्यम वर्ग के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 12,500 जनरल और स्लीपर कोच बनाने का आदेश दिया गया है। वहीं वंदे भारत, नमो भारत रैपिड रेल और वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेनों के जरिए रेलवे को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। कैलारस–बीरपुर रेल सेवा से सबलगढ़ और आसपास के इलाकों के लोगों को ग्वालियर समेत दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। आगे यह कनेक्टिविटी श्योपुरकलां तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे Tourism, Trade, Employment और Regional Connectivity को भी बढ़ावा मिल सकता है।

कनेक्टिविटी से बदलेगा विकास का नक्शा

मध्य प्रदेश के लिए रेलवे अब सिर्फ यातायात का साधन नहीं, बल्कि Economic Growth और Regional Development का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। नई रेल लाइनें, मल्टी-ट्रैकिंग, गेज परिवर्तन, आधुनिक स्टेशन और नई ट्रेनों का विस्तार राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को तेजी से जोड़ रहा है। कैलारस–बीरपुर रेलखंड इसी बदलती तस्वीर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में जैसे-जैसे रेल परियोजनाएं पूरी होंगी, मध्य प्रदेश के शहरों के साथ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास की रफ्तार भी तेज होने की उम्मीद है।
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