Imran Khan Matter: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण आदेश, क्या है इमरान खान का मामला?

The CSR Journal Magazine
एक्टर इमरान खान ने हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्हें मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया। जब उनकी नागरिकता की जानकारी सामने आई, तो पता चला कि इमरान भारत के नहीं, बल्कि अमेरिका के नागरिक हैं। उन्हें भारत में रहने के लिए ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड दिया गया है। इस जानकारी के बाद इमरान को ‘लीव इंडिया’ नोटिस थमाया गया है। उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।

पोलैंड के छात्र का केस: एक समानता

इमरान खान का मामला कुछ हद तक पोलैंड के छात्र कामिल सिएडचिंस्की के मामले से मिलता-जुलता है। 2020 में, कामिल को भी ‘लीव इंडिया’ नोटिस मिला था। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ कोलकाता में आयोजित एक रैली में भाग लिया था। उस समय सरकार ने विदेशी नागरिक कानून के तहत कार्रवाई की थी। लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस नोटिस को खारिज कर दिया था।

कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला

हाईकोर्ट ने उस समय कहा था कि किसी राजनीतिक रैली में भाग लेना अपने आप में कार्रवाई को उचित नहीं ठहराता। अदालत ने नोटिस में खामियां पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। इस फैसले ने यह स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी के आधार पर विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई करना सही नहीं है, जब तक कि इसके लिए पर्याप्त कानूनी आधार मौजूद न हो।

इमरान खान के पास क्या विकल्प हैं?

इमरान खान के पास ‘लीव इंडिया’ नोटिस को वापस लेने या उस पर पुनर्विचार के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) या केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने का विकल्प है। हालांकि, 2025 के आव्रजन कानून की धारा 7 में अपील की कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं दी गई है। इसके विपरीत, नागरिकता अधिनियम की धारा 7-D के तहत OCI रजिस्ट्रेशन रद्द करने से पहले संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर देने का प्रावधान है।

क्या इमरान खान हाईकोर्ट जा सकते हैं?

इमरान खान के पास संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट जाने का भी विकल्प है। वे नोटिस की वैधता को चुनौती देने के साथ उसके अमल पर अंतरिम रोक लगाने की मांग कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, खान के वकील पहले ही हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं। इस स्थिति में, इमरान खान को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी।

क्या होगा आगे?

इमरान खान का मामला न केवल उनके लिए, बल्कि अन्य विदेशी नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि किसी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने के कारण विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करना कितना संवेदनशील मुद्दा है। कोर्ट के फैसले से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे मामलों में न्याय का दरवाजा खुला रहेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos